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शिवकुमार सरकार के मंत्री ने इस्तीफा दिया

बेंगलुरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मंत्रिमंडल सदस्यों के बीच विभागों का बंटवारा होने के 12 घंटे के अंदर एक वरिष्ठ मंत्री ने नाराज होकर इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस के दिग्गज नेता रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वे जल संसाधन मंत्रालय मिलने से नाराज हैं। उन्होंने कहा है कि वे बेंगलुरू विकास विभाग चाहते थे। मंत्री ने दावा किया कि उनसे वादा किया गया था कि यह विभाग मिलेगा। उन्होंने कैबिनेट की पहली बैठक में शिवकुमार को याद दिलाया कि उन्होंने बेंगलुरू विकास का मंत्रालय देने का वादा किया गया था। वे बैठक के बीच से चले गए थे।

गौरतलब है कि शिवकुमार ने तीन जून को एक उप मुख्यमंत्री और 12 मंत्रियों के साथ शपथ ली थी। उन्होंने चार जून को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया। लेकिन रामलिंगा रेड्डी पसंदीदा विभाग नहीं मिलने से नाराज हो गए। उन्होंने कहा, ‘मैं अब भी कांग्रेस में हूं, पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। पिछले 53 सालों में कई जिम्मेदारियां निभाई हैं। मैंने कई मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट में मंत्री के तौर पर काम किया है। कभी किसी से मंत्री पद नहीं मांगा’। ध्यान रहे बेंगलुरु विकास विभाग, राज्य की राजधानी में योजना और बुनियादी ढांचे से जुड़ा है।

शिवकुमार ने गुरुवार की रात को विभागों का बंटवारा किया। इस बार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक को गृह मंत्रालय दिया गया है। मुख्यमंत्री ने खुद वित्त, कैबिनेट अफेयर्स, कार्मिक व प्रशासनिक सुधार, इंटेलीजेंस सहित कई विभाग अपने पास रखे हैं। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने रेड्डी की नाराजगी पर शुक्रवार को कहा, ‘रामलिंगा की चिंता है कि वे ऐसे विभाग में काम नहीं कर पाएंगे, जिसमें बहुत ट्रैवल करना पड़ता हो। वे कोई दूसरा पोर्टफोलियो चाहते हैं। मैं इस मामले को उनसे बात करके सुलझा लूंगा। चिंता की कोई बात नहीं है’।

कांग्रेस के दिग्गज नेता रामालिंगा रेड्डी बीटीएम लेआउट से विधायक हैं। वे 72 साल के हैं। सिद्धारमैया सरकार में वे परिवहन और हिंदू धार्मिक व धर्मार्थ बंदोबस्ती मंत्री थे। वे पहले की सरकारों में गृह मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। मीडिया के सामने इस्तीफे पर दस्तखत करते हुए उन्होंने कहा कि वे विधायक बने रहेंगे। वे शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दोनों से ही नाराज नहीं हैं।

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By NI Desk

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