गुवाहाटी/कोलकाता। पश्चिम बंगाल और असम में विधानसभा चुनावों की घोषणा से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के लिए असम और पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे थे। उन्होंने दोनों जगह हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों जगह जनसभा को संबोधित किया। असम में उन्होंने कांग्रेस में निशाना साधा तो पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के ऊपर हमला किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल में बदलाव का दावा किया। उन्होंने कहा, ‘पूरे बंगाल में एक ही चर्चा है कि बदलाव चाहिए, जब-जब इस भूमि पर चुनौती आई तब तब यहां के लोगों ने सामना किया है’। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग आपको डराने की कोशिश करेंगे, लेकिन जब जनता ठान लेती है तो कोई भी ताकत उसे रोक नहीं सकती। इस बार चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं बंगाल की आत्मा को बचाने का है। आने वाले परिवर्तन के लिए शुभकामनाएं देता हूं’।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में हुई गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए मोदी ने कहा, ‘टीएमसी सरकार ने सभी सीमाएं लांघ दी हैं। कुछ दिन पहले राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू बंगाल आईं। उन्हें एक कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन इस सरकार ने उनका विरोध किया, क्योंकि एक आदिवासी बेटी इतने बड़े पद पर हैं, इन्हें उनका सम्मान मंजूर नहीं थी’। उन्होंने कहा ‘मुर्मू जी को दुखी मन से अपनी तकलीफ बतानी पड़ी। टीएमसी ने केवल मुर्मू जी का अपमान नहीं किया, बल्कि महिलाओं का अपमान किया है’। एसआईआर का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ महीनों में चुनाव आयोग, जब भी मतदाता शुद्धी की कोशिश करता है, टीएमसी उनपर हमला करने लगती है’।
असम दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी ने सिलचर में कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में असम के युवाओं को गुमराह किया। उन्हें हिंसा और आतंकवाद के रास्ते पर धकेला। लेकिन आज यह राज्य अवसरों का सागर है। मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम को ‘फूट डालो-राज करो’ नीति में रखा। आज असम खुला आसमान है। असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। राज्य ने सरकारी नौकरियों के रास्ते खोले हैं।


