नई दिल्ली। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। बताया गया है कि सुरक्षा कारणों से मोज्तबा सामने नहीं आएंगे। उनकी सुरक्षा टीम को लग रहा है कि इजराइल की ओर से उनको निशाना बना कर हमला किया जा सकता है। मोज्तबा खामेनेई के एक करीबी की ओर से यह जानकारी दी गई है। हालांकि, इस बारे में अभी आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा नहीं की गई है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार चार जुलाई को शुरू होगा, जो कई दिन तक चलेगा। इसमें डेढ़ से दो करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है। उनको नौ जुलाई को मशहद शहर में दफनाया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन शामिल होंगे।
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने देश के लोगों से अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत अंत नहीं, बल्कि ईरान के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। ईरानी मीडिया के मुताबिक पेजेशकियान ने गुरुवार को जारी संदेश में कहा कि खामेनेई की मौत ने साबित किया है कि ईरान की व्यवस्था आस्था, आदर्शों और देश की जनता की मजबूत इच्छाशक्ति पर टिकी हुई है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी देश के लोगों खामेनेई के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।


