नई दिल्ली। इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून भले देरी से आया लेकिन आने के बाद वह तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। चार दिन में उसने 12 राज्यों को कवर कर लिया है। पहले तीन दिन में उसने सात राज्यों का सफर तय किया और चौथे दिन उसने पांच और राज्यों को कवर किया। गौरतलब है कि इस साल मानसून तीन दिन की देरी से चार जून को पहुंचा था। अगले चार दिन में यानी सात जून तक उसने 12 राज्यों का सफर तय कर लिया।
मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को मानसून चार और राज्यों त्रिपुरा, नगालैंड, असम और अरुणाचल प्रदेश में पहुंच गया। महाराष्ट्र में मानसून दक्षिण कोंकण तक बढ़ा है। बताया गया है कि इसके चलते नौ जून तक सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि अगले हफ्ते तक राज्य में बारिश का पैटर्न कमजोर रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के कारण केरल, कर्नाटक, गोवा और तमिलनाडु में कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। हालांकि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में लगातार पांचवें दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर गया। यह भी बताया गया है कि गुजरात को छोड़ कर अन्य सभी राज्यों में प्री मानसून बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज बारिश हुई और कई जगह आंधी भी आई।
इस बार केरल के तट पर मानसून चार जून को पहुंचा था। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को मानसून आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम और मणिपुर पहुंचा। इससे पहले शुक्रवार को कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा में पहुंचा था। तीन दिनों में मानसून पूर्वोत्तर के सभी राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया। इसके बाद रविवार को चार राज्यों में पहुंचा। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 10 दिनों में इसके बिहार, झारखंड और ओडिशा पहुंचने की संभावना है।


