नई दिल्ली। म्यांमार में शुक्रवार सुबह 11 बज कर 50 मिनट पर भीषण भूकंप आया। इससे म्यांमार में भारी तबाही मची लेकिन उसेक अलावा चार और देशों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। थाईलैंड में भी भूकंप से जानमाल का बड़ा नुकसान हुआ है। पहले आए भूकंप की तीव्रता 7.7 की थी। इसके झटके भारत, थाईलैंड, बांग्लादेश और चीन सहित पांच पांच देशों में महसूस किए गए। म्यांमार में 144 और थाईलैंड में तीन लोगों की जान गई है। म्यांमार में सात सौ से ज्यादा लोग घायल हैं। बैंकॉक की एक बन रही इमारत गिरने के बाद से उसमें काम कर रहे 80 लोग लापता हैं।
भूकंप के झटके से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में बन रही एक 30 मंजिला इमारत गिर गई। इस इमारत के निर्माण में चार सौ लोग काम कर रहे थे। इनमें से 80 लोग लापता हैं, जबकि तीन लोगों की मौत हुई है। तभी माना जा रहा है कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। भूकंप के झटके पांच देशों के अलग अलग तीव्रता में महसूस किए गए। सबसे ज्यादा तबाही म्यांमार में और उसके बाद थाईलैंड में महसूस किए गए।
भारी तबाही के चलते थाईलैंड की प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा ने इमरजेंसी घोषित कर दी है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने इस भूकंप से होने वाली मौतों की आशंका को रेड कैटेगरी में रखा गया है। इस कैटेगरी में 10 हजार से एक लाख मौतें तक हो सकती हैं। अगर भारत की बात करें तो भूकंप के सबसे तेज झटके पूर्वी हिस्से में महसूस किए गए। कोलकाता, इम्फाल, मेघालय और पूर्वी गारो हिल में इसके झटके महसूस किए गए। बांग्लादेश में ढाका, चटगांव समेत कई हिस्सों में 7.3 तीव्रता के झटके आए।
पहले भूकंप करे 12 मिनट के बाद म्यांमार में 6.4 तीव्रता का आफ्टरशॉक आया। बताया जा रहा है कि म्यांमार में एतिहासिक शाही महल मांडले पैलेस के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, सागाइंग क्षेत्र के सागाइंग टाउनशिप में एक पुल भूकंप में पूरी तरह नष्ट हो गया। राजधानी नेपीता के अलावा कम से कम तीन और बड़े शहरों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इन शहरों की आबादी 50 हजार से ज्यादा है।
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