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320 भारतीय लापता, 400 चीन में फंसे

नई दिल्ली। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के तीसरे दिन यानी शुक्रवार की शाम तक 320 भारतीयों का कोई अता पता नहीं चला। उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। उनके अलावा चार सौ भारतीय चीन में फंसे हैं। हालांकि वे सुरक्षित हैं। जैसे जैसे समय बीत रहा है वैसे वैसे राहत व बचाव कार्य लगे टीमों की उम्मीद टूटती जा रही है। इस बीच शुक्रवार की शाम तक नेपाल और तिब्बत में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 579 हो गई है, जबकि नेपाल और तिब्बत दोनों तरफ लापता लोगों की संख्या 19 सौ से ज्यादा है।

इस बीच शुक्रवार एक बार फिर ग्लेशियर पिघलने से बनी झील फट गई थी। इस वजह से नेपाल और तिब्बत में करीब तीन घंटे बाद राहत और बचाव अभियान रोकना पड़ा था। भोटेकोशी नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील के फटने के बाद अचानक बाढ़ के खतरे को देखते हुए अभियान रोक दिया गया था। असल में शुक्रवार को झील में पानी बढ़ कर करीब 25 लाख क्यूबिक मीटर हो गया था। झील का पानी ओवरफ्लो होकर ल्हेंदे खोला और फिर त्रिशूली नदी में पहुंचा। इसके बाद नेपाल में राहत व बचाव टीमों को सुरक्षित जगह जाने को कहा गया था।

बुधवार को ग्लेशियर टूटने से अचानक आई भीषण बाढ़ में नेपाल में और तिब्बत में 579 लोगों की मौत हो चुकी है। दोनों देशों में 19 सौ से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ से नेपाल में सड़क, पुल, घर और पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान हुआ है। राहत व बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। नेपाल की ओर लापता लोगों में 537 विदेशी नागरिक, 45 नेपाली सेना के जवान और 41 नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं। उधर तिब्बत में 558 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि बाढ़ के बाद 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है या वे लापता हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि करीब एकक सौ भारतीय मूल के लोग भी संपर्क से बाहर हैं। इनमें ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, लेकिन किसी दूसरे देश के नागरिक हैं। जायसवाल ने बताया, बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचाए गए 21 भारतीय शुक्रवार को काठमांडू से दिल्ली पहुंच गए। इससे पहले त्रिशूली-एक पनबिजली परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया था। वहीं, चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।

By NI Desk

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