नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का सत्रावसान नहीं होने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल उठाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख कर पूछा है कि 13 अगस्त को संसद के दोनों सदन अनिश्चितकाल तक स्थगित कर दिए गए थे। उसके बद 15 दिन बीत गए हैं लेकिन सत्रावसान क्यों नहीं किया गया है? गौरतलब है कि खड़गे लगातार चिट्ठी लिख कर परिसीमन का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने सरकार से कहा है कि वह जबरदस्ती बिल पास कराने का प्रयास न करे।
खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी में है कहा है कि 13 अगस्त को खत्म हुए सत्र का अब तक समाप्त नहीं किया जाना, कई शंकाएं पैदा करता है, क्योंकि अमूमन इतने दिनों में किसी भी सत्र को समाप्त घोषित कर दिया जाता है। खड़गे ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है, ‘मैं आपको 16 जुलाई को भी परिसीमन को लेकर पत्र लिख चुका हूं, जिसमें मैंने इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी, जिससे सभी राजनीतिक दलों को मालूम चल सके कि सरकार का प्रस्ताव क्या है, साथ ही मैंने यह भी कहा था कि सभी राजनीतिक दलों को सरकार के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए’।
किरेन रिजिजू के एक बयान के हवाले से खड़गे ने कहा है, ‘अब संसदीय कार्य मंत्री ने कहा है कि सरकार संसद का एक विशेष सत्र बुलाना चाहती है। हमें लगता है कि शायद इसलिए मॉनसून सत्र का सत्रावसान नहीं किया जा रहा है’। खड़गे ने लिखा, ‘मैं एक बार फिर परिसीमन के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करता हूं। देश के लिए यह मुद्दा काफी अहम है और सरकार 16-17 अप्रैल की तरह इस बिल को जोर जबरदस्ती से पास कराने की कोशिश ना करें’।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.




