Mann Ki Baat :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के तटीय इलाकों में आए चक्रवात बिपरजॉय का मुकाबला करने वाले लोगों और आपदा प्रबंधन कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारत का आपदा प्रबंधन उदाहरण बन गया है। उन्होंने अपने मासिक रेडियो प्रसारण ‘मन की बात’ में कहा, ‘आपदा प्रबंधन की जो ताकत भारत ने वर्षों में विकसित की है, वह आज मिसाल बन रही है।’
प्रधानमंत्री ने कहा, चक्रवात बिपरजॉय ने कच्छ में बहुत तबाही मचाई, लेकिन कच्छ के लोगों ने पूरे साहस और तैयारियों के साथ इसका सामना किया। मोदी ने कहा, सबसे बड़ा लक्ष्य हो, सबसे कठिन चुनौती हो, भारत के लोगों की सामूहिक शक्ति, सामूहिक हर चुनौती को हल करती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को 25 जून को नहीं भूलना चाहिए, जिस दिन 1975 में आपातकाल लगाया गया था।
मोदी ने कहा, भारत लोकतंत्र की जननी है। हम 25 जून को नहीं भूल सकते। वह दिन जब आपातकाल लगाया गया था। यह भारत के इतिहास का एक काला काला था। लाखों लोगों ने अपनी पूरी ताकत से आपातकाल का विरोध किया। वे लोकतंत्र के समर्थक थे उस दौरान इतना अत्याचार किया कि आज भी मन कांप उठता है। उन्होंने कहा, आज जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हैं, तो हमें ऐसे अपराधों को भी देखना चाहिए। यह युवा पीढ़ी को लोकतंत्र का अर्थ और महत्व सिखाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अपने योग सत्र का उल्लेख करते हुए, पीएम मोदी ने सभी से योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
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