नई दिल्ली। लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया है। सदन में दो दिन हुई चर्चा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा का जवाब दिया और उसके बाद ध्वनि मत से यह प्रस्ताव खारिज हो गया। इससे पहले अमित शाह ने करीब एक घंटे का भाषण दिया। उन्होंने अपने भाषण में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर हमला किया और कहा कि वे संसद को लेकर गंभीर नहीं रहते हैं।
अमित शाह ने कहा, ‘18वीं लोकसभा में कांग्रेस सांसदों को बोलने के लिए भाजपा से दो गुना ज्यादा समय मिला। फिर भी विपक्ष के नेता कहते हैं कि हमें बोलने नहीं दिया जाता। जब बोलने का मौका आता है तो वे जर्मनी में होते हैं, इंग्लैंड में होते हैं’। शाह ने कहा, ‘एक तो वे बोलना नहीं चाहते हैं। जब बोलना चाहते हैं तो नियम के अनुसार नहीं बोलना चाहते हैं। ये सदन नियम से चलेगा। स्पीकर को नियमों के उल्लघंन पर रोकने और टोकने का अधिकार है। ये सदन मेला नहीं है, जो नियम से नहीं चलेंगे, उसका माइक बंद ही होगा’।
गृह मंत्री ने आगे कहा, ‘राहुल सदन में पीएम मोदी से आकर गले लग जाते हैं। आंख मारते हैं। फ्लाइंग किस देते हैं। मुझे तो बोलने में भी शर्म आती है। ये स्पीकर के आचरण पर सवाल करते हैं। अपने आचरण पर भी तो सवाल करिए’। शाह के जवाब के दौरान विपक्ष हंगामा जारी रहा। राहुल पर हमला करते हुए अमित शाह न् कहा, ‘विपक्ष के नेता स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर भी कुछ नहीं बोलते। फिर प्रस्ताव लाते क्यों है। एक तो बोलना नहीं चाहते हैं। बोलना चाहते हैं तो नियम अनुसार नहीं बोलना चाहते’।
राहुल का रिकॉर्ड बताते हुए शाह ने कहा, ‘16वीं लोकसभा में राहुल गांधी ने 2014, 2015, 2017 और 2018 में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में भाग नहीं लिया। उन्होंने 16वीं लोकसभा में केंद्रीय बजट पर किसी भी चर्चा में भी हिस्सा नहीं लिया’। शाह ने आगे कहा, ‘उन्होंने किसी भी सरकारी विधेयक पर चर्चा में भाग नहीं लिया। 16वें, 17वें, 19वें, 20वें और 21वें सत्रों में उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में भाग नहीं लिया। 19वें, 20वें, 22वें और 23वें सत्रों में उन्होंने केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग नहीं लिया और एक विधेयक को छोड़कर किसी अन्य विधायी चर्चा में भी भाग नहीं लिया’।


