नई दिल्ली। बिहार में बाढ़ से राहत नहीं मिली है। गंगा, गंडक सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और राज्य के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब सात हजार लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। बताया जा रहा है कि अगर बारिश होती रही और नेपाल से पानी आया तो बिहार में बाढ़ की स्थिति भंयकर हो सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि अगले 10 दिन बहुत अहम हैं। आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि गंगा नदी में पानी का स्तर सबसे ऊंचे फ्लेड लेवल को पार कर सकता है।
गौरतलब है कि 26 अगस्त को नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद बिहार की कई नदियों में नेपाल से आया पानी भर गया। नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 14 सौ के करीब पहुंच गई है। नेपाल में आई बाढ़ का पानी का असर उत्तर प्रदेश में भी हुआ है। इस बीच उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के 22 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इतना ही नहीं गंगा और यमुना सहित 10 से अधिक नदियों के उफान पर होने से प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी लगातार बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश के 19 जिलों में बारिश हुई है। शिवपुरी और मुरैना सहित सात जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उधर कश्मीर में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। गुलमर्ग के सनशाइन पीक और बांदीपोरा जिले की तुलैल घाटी में काओबल गली में ताजा बर्फबारी हुई। ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हुई इस बर्फबारी को सर्दियों के शुरुआती संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
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