नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने एक देश, एक चुनाव पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति के सामने कहा है कि यह विचार असंवैधानिक है। कमेटी के सामने चिदंबरम ने सोमवार को लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव का विरोध किया और इसे असंवैधानिक पहल बताया। उन्होंने कहा, ‘एक देश, एक चुनाव के तहत पूरे देश में चुनाव कराने का प्रस्ताव बिना सोचे समझे किया गया काम है। मेरी अंतरात्मा इन विधेयकों का समर्थन करने की इजाजत नहीं देती’।
जानकार सूत्रों के मुताबिक चिदंबरम ने कहा कि हर चुनाव पांच साल के लिए होता है और किसी भी विधानसभा के कार्यकाल को कम करना संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास इस विधेयक को पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत नहीं है। चिदंबरम के अलावा तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने भी विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव आयोग को बेलगाम अधिकार मिल जाएंगे। गौरतलब है कि संविधान के 129वें संशोधन विधेयक के जरिए लोकसभा और देश की सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता में संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी इस पर विचार कर रही है।
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