नई दिल्ली। कई दिनों के गतिरोध के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को बोले। उन्होंने बजट पर चर्चा में हिस्सा लिया। राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हो रही व्यापार संधि को लेकर केंद्र सरकार को निशाना बनाया और आरोप लगाया कि सरकार ने देश को बेच दिया है। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री अडानी पर चल रहे मुकदमे और एपस्टीन फाइल की वजह से दबाव में हैं इसलिए ऐसा समझौता हुआ है। राहुल ने कहा है कि कोई प्रधानमंत्री इस तरह से भारत के हितों का नुकसान करने वाला समझौता नहीं कर सकता था।
नेता प्रतिपक्ष ने व्यापार सौदे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बराबरी की शर्त पर नहीं किया गया और सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है। राहुल ने कहा, ‘भारत और अमेरिका समझौते में देश के किसानों के हितों को कुचल दिया गया, जैसा आज से पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं करेगा’। उन्होंने कहा, इस ट्रेड डील में भारत के सामानों पर लगने वाले तीन फीसदी के औसत टैरिफ को 18 फीसदी कर दिया गया है। वहीं अमेरिकी आयात पर टैरिफ जीरो कर दिया गया है।
राहुल ने कहा, ‘भारतीय किसानों के साथ छल किया गया है। इस डील में आपने भारत को बेच दिया है’। नेता प्रतिपक्ष ने भारत की संप्रभुता से समझौता किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत कहां से तेल खरीदेगा यह फैसला अमेरिका नहीं कर सकता है। उन्होंने बांग्लादेश और अमेरिका के बीच हुए समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ने बांग्लादेशी कपड़ों पर टैरिफ जीरो कर दिया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच मुकाबले में, सबसे कीमती चीज भारतीय डेटा है। अगर अमेरिकी सुपरपावर बने रहना चाहते हैं, तो उसके लिए भारतीय डेटा ही सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘हमें अपने लोगों, उनके ज्ञान और समझदारी को सामने रखना चाहिए। पॉपुलेशन हमारी सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन तभी जब आपको एहसास हो कि डेटा ही वह ताकत है’। राहुल ने मार्शल आर्ट में ग्रिप के महत्व की चर्चा से अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने कहा कि जिजित्सु में ग्रिप दिखती है, राजनीति में नहीं दिखती। चोक कहां हो रहा है, जोर कहां पड़ रहा है, राजनीति में नहीं दिखता’। इसके बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रिप में हैं और चोक होकर उन्होंने यह समझौता किया है।
राहुल गांधी ने अपने भाषण एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा भी उठाया। उनके यह मुद्दा उठाने पर बहुत शोर शराबा हुआ। उन्होंने कहा, ‘अनिल अंबानी को जेल क्यों नहीं हुई? क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं जानता हूं कि उनको एपस्टीन से किसने मिलवाया था। हरदीप पुरी भी जानते हैं कि किसने मिलवाया था’। राहुल ने अपने भाषण में आर्थिक सर्वेक्षण और बजट प्रावधानों पर भी अपनी बात रखी। गौरतलब है कि दो फरवरी को राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नहीं बोलने दिया गया था। उसके बाद पहली बार उन्हें बुधवार को भाषण दिया।


