नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर लुटियन की दिल्ली और खान मार्केट गैंग पर हमला किया है। उन्होंने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली की बौद्धिक जमात पर निशाना साधते हुए कहा कि अंग्रेजों के जमाने के बने कानून आजादी के बाद 75 साल तक चलते रहे लेकिन इनमें से किसी ने इसका सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों का बनाए बेकार कानूनों को उनकी सरकार ने हटाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, एक कानून था ड्रामेटिक परफॉर्मेंस एक्ट। ये कानून अंग्रेजों ने डेढ़ सौ साल पहले बनाया था। अंग्रेज चाहते थे कि थिएटर और ड्रामे का इस्तेमाल उनके खिलाफ न हो। इस कानून में प्रावधान था कि सार्वजनिक जगह पर 10 लोग डांस करते मिल जाएं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। देश के आजाद होने के 75 साल तक यह कानून चलता रहा। यानी शादी के दौरान 10 लोग डांस कर रहे हों, तो पुलिस उन्हें अरेस्ट कर सकती थी। ये कानून हमारी सरकार ने हटाया’।
प्रधानमंत्री ने कहा, ’70 साल तक हमने कानून झेला। मुझे उस समय की सरकारों के बारे में कुछ नहीं कहना, लेकिन मुझे लुटियंस जमात और खान मार्केट गैंग पर आश्चर्य होता है। ये लोग 75 साल तक ऐसे कानून पर चुप क्यों थे। ये लोग जो आए दिन कोर्ट जाते रहते हैं, पीआईएल के ठेकेदार बने फिरते हैं, वे क्यों चुप थे? तब इन्हें लोगों की स्वतंत्रता का ध्यान नहीं रहता था’।
मोदी ने अपने भाषण में कहा, ‘पहले बांस काटने पर जेल हो जाती थी। हमारे देश में ऐसा कानून था, जिसमें बांस को पेड़ माना जाता था। पहले की सरकारें ये समझने में नाकाम रहीं कि बांस, पेड़ नहीं होता। हमारी सरकार ने इस कानून को खत्म किया’। प्रधानमंत्री ने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा, ‘26 फरवरी को प्रयागराज में एकता का महाकुंभ संपन्न हुआ। दुनिया हैरान है कि आखिर करोड़ों लोग एक अस्थायी शहर में सिर्फ पवित्र स्नान के लिए कैसे आ सकते हैं? भारत के आयोजन और नवाचार कौशल को पूरी दुनिया देख रही है और इसे विस्तार से जानना चाहती है’।
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