प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए प्रशासनिक परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का अनावरण किया। इस अत्याधुनिक भवन में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) और कैबिनेट सचिवालय को एक साथ स्थापित किया गया है।
अनावरण के दौरान प्रधानमंत्री के साथ पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल सहित कई गण्यमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
यह अवसर एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है। अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से संचालित होता था, लेकिन अब इसे कर्तव्य पथ पर बने नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह परिसर साउथ ब्लॉक से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है।
शाम को प्रधानमंत्री ‘कर्तव्य भवन कॉम्प्लेक्स-1 और 2’ का भी उद्घाटन करेंगे। इन भवनों से वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा समेत कई प्रमुख मंत्रालय काम करेंगे।
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कई दशकों से केंद्रीय विस्टा क्षेत्र में मंत्रालय अलग-अलग और पुराने भवनों में संचालित हो रहे थे, जिससे समन्वय और कामकाज में दिक्कतें आती थीं। नए परिसरों के शुरू होने से इन लंबित समस्याओं का समाधान होगा और सभी विभाग आधुनिक, डिजिटल ढांचे में एकीकृत हो जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार, नए भवनों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, सुव्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत रिसेप्शन सुविधा दी गई है। इससे आपसी तालमेल, कार्यकुशलता, सुशासन और नागरिकों से संवाद बेहतर होगा। कर्मचारियों के लिए भी बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित किया गया है।
परिसर को 4-स्टार जीआरआईएचए (एकीकृत आवास मूल्यांकन के लिए ग्रीन रेटिंग) मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, जल संरक्षण उपाय, कचरा प्रबंधन समाधान और उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण तकनीक शामिल है। इससे पर्यावरण पर प्रभाव कम होगा और संचालन क्षमता बढ़ेगी।
सुरक्षा के लिहाज से भी यहां स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, आधुनिक निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था स्थापित की गई है, ताकि अधिकारियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध हो सके।
सरकारी बयान के मुताबिक, यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में एक परिवर्तनकारी कदम है और आधुनिक, प्रभावी तथा नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Pic Credit : ANI
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