नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी की ओर से जारी नए नियमों का देश भर में विरोध जारी है। बुधवार को भी राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, बिहार और कई राज्यों में सामान्य श्रेणी के छात्रों और उनके अभिभावकों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया। 13 जनवरी को जारी नए नियमों में सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और दिव्यांग छात्रों के साथ भेदभाव रोकने के उपाय किए गए हैं। इस कानून को सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ माना जा रहा है।
इस बीच बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने नए नियमों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने वकीलों की दलीलों पर ध्यान दिया। चीफ जस्टिस ने कहा, ‘हमें पता है कि क्या हो रहा है। सुनिश्चित करें कि खामियों को दूर किया जाए। हम इसे लिस्ट करेंगे’।
कानूनी लड़ाई के साथ साथ सवर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार में बुधवार को भी जम कर हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में छात्र और सवर्ण जातियों के लोग सड़कों पर उतरे। आरक्षण विरोधी आंदोलन की तरह कई जगह छात्रों ने मुंडन कराया। बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोती गई।


