नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब भी खोज लाए। बुधवार को वे इस किताब के साथ संसद में दिखे। उन्होंने कहा कि वे यह किताब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देंगे। गौरतलब है कि जनरल नरवणे ने ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम से किताब लिखी है, जिसके प्रकाशन की मंजूरी रक्षा मंत्रालय ने नहीं दी है। इसलिए यह किताब भारत में नहीं छपी है। लेकिन देश से बाहर इसकी प्रतियां उपलब्ध हैं।
इस किताब को लेकर पिछले तीन दिन से संसद में खूब हंगामा हुआ। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपने संबोधन में इस किताब के अंश पढ़ना चाहा, जिसका भाजपा ने विरोध किया और आसन ने भी रोक दिया। कहा गया कि बिना छपी किताब का अंश संसद में नहीं पढ़ा जा सकता है। इसके बाद राहुल ने बताया कि वे एक पत्रिका में छपा किताब का अंश पढ़ रहे हैं। इसके बावजूद उनको नहीं बोलने दिया गया। इसलिए बुधवार को वे किताब लेकर पहुंचे।
राहुल ने कहा कि ‘अगर आज पीएम आए तो उन्हें यह किताब दूंगा’। उन्होंने किताब का वह पेज खोलकर दिखाया, जिसमें लिखा है कि प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ से कहा था, ‘जो उचित समझो वह करो’। राहुल ने कहा कि सरकार और रक्षा मंत्री कह रहे है कि किताब का अस्तित्व नहीं है। देखिए यह रही किताब। असल में किताब में अगस्त 2020 की एक घटना का जिक्र है, जिस समय चीनी टैंक भारत की ओर बढ़ रहे थे और तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कई घंटे तक रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और तत्कालीन सीडीएस को फोन लगाया था। कई घंटे बाद रात में साढ़े 10 बजे उन्हें राजनाथ सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि उनको जो उचित समझो वह करो।
बहरहाल, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री आज लोकसभा में आने की हिम्मत करेंगे। अगर प्रधानमंत्री आते हैं तो मैं खुद जाकर उन्हें यह किताब सौंपूंगा, ताकि वे इसे पढ़ सकें और देश को इसके बारे में पता चल सके’। माना जा रहा है कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में जवाब देंगे। लेकिन उस समय राहुल गांधी उनको जनरल नरवणे की किताब देने की कोशिश करेंगे, जिससे हंगामा होने की संभावना है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



