नई दिल्ली। अल नीनो के असर से इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। लेकिन करीब एक हफ्ते से देश के अलग अलग हिस्सों में हो रही बारिश ने इसके असर को काफी कम कर दिया है। एक हफ्ते पहले तक देश में सामान्य से 40 फीसदी कम बारिश हुई थी। लेकिन एक हफ्ते बाद अब यह कमी 14 फीसदी के करीब रह गई है। गुरुवार को भी राजधानी दिल्ली और एनसीआर सहित देश के कई राज्यों में जबरदस्त बारिश हुई।
दूसरी अच्छी खबर यह है कि मानसून ने नौ जुलाई को पूरे देश को कवर कर लिया। आमतौर पर यह आठ जुलाई को देश का पूरा हिस्सा कवर कर लेता है, इस बार एक दिन की देरी से यह पूरे देश में पहुंचा है। मानसून के कारण सभी राज्यों में बारिश का दौर जारी है। दिल्ली में बुधवार रात से शुरू हुई तेज बारिश गुरुवार सुबह तक जारी रही। बारिश से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। कई जगह पेड़ गिरने से ट्रैफिक प्रभावित रहा।
दिल्ली से नोएडा और गुरुग्राम जाने वाले रास्तों सहित कई प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लगा। उत्तर प्रदेश में गुरुवार सुबह से नोएडा, मथुरा, मेरठ, बुलंदशहर समेत 50 शहरों में तेज बारिश हुई। नोएडा में सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया। वहीं, गाजियाबाद में 10 फीट सड़क धंस गई। इसमें कार और बाइक समा गई। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में नालूपानी और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर भूस्खलन होने की खबर है।
महाराष्ट्र में पिछले करीब 10 दिन से लगातार बारिश हो रही है। ठाणे और पुणे में रिकॉर्ड बारिश हुई है। मुंबई में भी भारी बारिश हुई। महाराष्ट्र के रायगढ़ में बारिश के बाद रसोई गैस के तीन हजार सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। उत्तराखंड के टिहरी में भूस्खलन में एक मकान गिर गया। उधर, राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बुधवार रात बारिश से एक मकान ढह गया। मलबे में से कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया।


