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भूस्खलन से केदारनाथ का रास्ता बंद

केदारनाथ

नई दिल्ली। उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड के केदारनाथ में शुक्रवार को बादल फट गया, जिसके बाद भूस्खलन हुआ। पत्थर के बड़े बड़े टुकड़े गिरने से केदारनाथ का पैदल मार्ग बंद हो गया है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से गंगा और यमुना सहति 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। इससे 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। उत्तर प्रदेश में बाढ़ से पांच लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। मिर्जापुर में एक पुल डूब गया तो फर्रुखाबाद में हाईवे डूब गया है।

उधर, बिहार में आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति है, जिससे करीब ढाई हजार गांवों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित हैं। बताया गया है कि करीब 30 हजार लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। शुक्रवार को बताया गया कि गंगा और उसकी कई सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे कटाव और तटबंध टूटने की घटनाएं हो रही हैं।

पूर्वी राज्यों की बात करें तो ओडिशा में भी शुक्रवार को कई इलाकों में बारिश हुई है। भुवनेश्वर में शुक्रवार को बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिणी और पश्चिमी ओडिशा में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के छह जिलों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। 23 अन्य जगहों पर भी भारी बारिश हुई। कालाहांडी जिले के गोलामुंडा में सबसे ज्यादा 16 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसूनी सिस्टम फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट था। गुरुवार रात से ही भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा में बारिश शुरू हो गई। दमोह में बाढ़ के हालात हैं और कई कॉलोनियों में पानी भर गया है।

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By NI Desk

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