राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

होरमुज में जहाजों की आवाजाही बढ़ी

नई दिल्ली। एक तरफ ब्रिटेन की अपील पर दुनिया के 60 देशों ने होरमुज की खाड़ी खुलवाने और तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बातचीत की तो दूसरी ओर होरमुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि दुनिया के एक एक देश ईरान से बात करके अपने जहाज सुरक्षित निकाल रहे हैं। ध्यान रहे हर देश के सामने तेल और गैस का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि यह पता नहीं चल सका है कि होरमुज की खाड़ी से जहाज टोल देकर गुजर रहे हैं या अभी ईरान सद्भाव दिखा रहा है।

बहरहाल, समुद्र जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली खुफिया कंपनी विंडवार्ड की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को होरमुज की खाड़ी से 16 जहाज गुजरे। इस तरह लगातार तीसरे दिन बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने बताया कि ये सभी जहाज लारक द्वीप के रास्ते से गुजरे। इसका मतलब है कि कई देश ईरान से बातचीत कर रहे हैं, ताकि उनके जहाज सुरक्षित तरीके से गुजर सकें। इससे आने वाले दिनों में जहाजों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, विमानों की आवाजाही अब भी सामान्य स्तर से काफी कम है। ईरान में जंग शुरू होने से पहले, 28 फरवरी तक हर दिन करीब 130 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस की बड़ी शिपिंग कंपनी सीएमए सीजीएम का एक कंटेनर जहाज होरमुज की खाड़ी से सुरक्षित निकल गया है। यह जानकारी फ्रांस के चैनल बीएफएम टीवी ने दी, जो इसी कंपनी से जुड़ा है। उधर फिलीपींस ने कहा है कि उसके जहाजों को होरमुज की खाड़ी से सुरक्षित तरीके से गुजरने की अनुमति मिल गई है। फिलीपींस काफी समय से ईरान से बातचीत कर रहा था। उसका मकसद खुद को दोस्त देश के रूप में मान्यता दिलाना था, ताकि वह तेल की सप्लाई हासिल कर सके। फिलीपींस की विदेश मंत्री थेरेसा लाजारो ने कहा कि ईरान के साथ हुई बातचीत सकारात्मक और सफल रही।

ईरान की ओर से भी इसकी पुष्टि की गई है और कहा गया कि फिलीपींस के झंडे वाले जहाजों, उसकी ऊर्जा सप्लाई और उसके नाविकों को सुरक्षित, बिना किसी रुकावट और तेजी से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इस बीच ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने बताया है कि, ईरानी राजनयिक काजेम गरीबाबादी होरमुज की खाड़ी की निगरानी के लिए ओमान के साथ मिलकर एक प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। इस प्रस्ताव का मकसद समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और उन्हें बेहतर सेवाएं देना बताया गया है। उधर एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पर आरोप है कि उसने होरमुज की खाड़ी से गुजरने के लिए 20 लाख डॉलरतक की मांग कर रहा है।

Tags :

By NI Desk

Under the visionary leadership of Harishankar Vyas, Shruti Vyas, and Ajit Dwivedi, the Nayaindia desk brings together a dynamic team dedicated to reporting on social and political issues worldwide.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twelve + seven =