चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अस्पताल में भर्ती होने के लिए नहीं माने और अपना अनशन जारी रखा। किसानों की मांगों को लेकर वे पिछले 35 दिन से अनशन पर बैठे हैं और अब उनकी सेहत बहुत ज्यादा खराब हो गई है। तभी सुप्रीम कोर्ट ने उनको हर हाल में 31 दिसंबर तक अस्पताल में भर्ती कराने को कहा था। मंगलवार, 31 दिसंबर को उनके मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रहे जसकरन सिंह की अगुआई में पटियाला के डीआईजी और एसएसपी ने सोमवार को किसान नेताओं और डल्लेवाल से बातचीत की। लेकिन डल्लेवाल टस से मस नहीं हुए। उलटे किसान नेताओं ने कहा, ‘यह आंदोलन खत्म करने की साजिश है, हम यहां से नहीं हटेंगे’। डल्लेवाल ने भी अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। किसान नेताओं के विरोध के कारण पुलिस अधिकारियों और फोर्स को वापस लौटना पड़ा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया था कि 31 दिसंबर से पहले डल्लेवाल को अस्थायी अस्पताल में शिफ्ट करें। ऐसा नहीं हुआ तो मुख्य सचिव और डीजीपी पर कोर्ट की अवमानना का केस चल सकता है। 31 दिसंबर को इस केस की फिर सुनवाई है। इससे पहले डल्लेवाल ने रविवार रात अरोप लगाया था कि पंजाब सरकार किसानों के मोर्चे पर हमला कराने की तैयारी में है। यह मोर्चे को कुचलने की कोशिश है।
डल्लेवाल फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसीपी की गारंटी के कानून की मांग कर रहे हैं। उन्होंने रविवार को एक वीडियो जारी करके कहा कि, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक पंजाब सरकार भी मोर्चे पर हमला करने की तैयारी में है। दुख की बात है कि जब हमने अनशन शुरू किया है तो हमारा यह मानना था कि गांधीवादी तरीके से पीसफुली तरीके से सत्याग्रह करेंगे। अंग्रेज सरकार भी सत्याग्रह को मानती रही है। मगर, यह सरकार हमारी बात सुनने की बजाए हमारे मोर्चे को कुचलने की कोशिश कर रही है’। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सूचना मिल रही है कि भारी संख्या में फोर्स लेकर पंजाब सरकार केंद्र सरकार के इशारे पर आंदोलन पर हमला करने की तैयारी कर रही है।
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Image Source: ANI

