Supreme Court

  • फांसी की जगह मौत की सजा के लिए अन्य विकल्प पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, फैसला सुरक्षित

    सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा के लिए फांसी की जगह कम तकलीफदेह तरीके अपनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है और फैसला सुरक्षित रख लिया है।  यह याचिका वरिष्ठ वकील ऋषि मल्होत्रा ने दायर की है। उन्होंने फांसी को मौत देने का क्रूर, अमानवीय और पुराना तरीका बताया है, जिसमें दोषी को लंबे समय तक दर्द सहना पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि फांसी की बजाय जहर का इंजेक्शन (लीथल इंजेक्शन) दिया जाए, जो तेजी से और कम पीड़ा के साथ मौत का कारण बनता है। याचिका में कहा गया है कि कम से कम...

  • आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के सख्त तेवर

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में बहुत सख्त तेवर दिखाए हैं। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि कुत्तों के काटने पर राज्यों को बहुत बड़ा मुआवजा देना होगा। साथ ही अदालत ने आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वालों पर भी सख्त टिप्पणी की है और कहा है कि उनकी जिम्मेदारी तय करनी होगी। सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'बच्चों या बुजुर्गों को कुत्तों के काटने, चोट लगने या मौत के हर मामले में हम राज्य सरकारों से भारी मुआवजा दिलवाएंगे, क्योंकि उन्होंने पिछले पांच सालों में नियमों को लागू करने के लिए कुछ नहीं किया'। इस मामले...

  • दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (सीएक्यूएम) को कड़ी फटकार लगाई और दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ते वायु प्रदूषण संकट से निपटने के उसके तरीके को 'गैर-गंभीर' बताया।  भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि प्रदूषण के सोर्स की पहचान और राष्ट्रीय राजधानी और आस-पास के एनसीआर इलाकों में बिगड़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में उनके योगदान को लेकर एक्सपर्ट संस्थानों में काफी मतभेद हैं। सीजेआई की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी समेत जाने-माने टेक्निकल संस्थानों ने भी एमिशन सेक्टर को अलग-अलग प्रतिशत दिए हैं। सुप्रीम...

  • अरावली फैसले पर रोक

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वत शृंखला की परिभाषा तय करने वाले अपने ही फैसले पर रोक लगा दी है। साथ ही अदालत ने इस मसले पर विचार के लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाने का आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने यह कहते हुए फैसले पर रोक लगाई है कि उसके 20 नवंबर के फैसले से गलत धारणा बनाने की आशंका है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 21 नवंबर को एक अहम फैसले में कहा था कि एक सौ मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ही अरावली पर्वत शृंखला माना जाएगा। अदालत के फैसले का यह...

  • सेंगर पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

    नई दिल्ली। उन्नाव में नाबालिग युवती से बलात्कार में दोषी ठहराए गए भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट में सर्दियों की छुट्टियां चल रही हैं लेकिन सेंगर की सजा निलंबित करने और जमानत देने के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच सुनवाई करेगी। सेंगर की सजा सस्पेंड करने के हाई कोर्ट के फैसले को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सेंगर को बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा हुई है। इस बीच सेंगर की सजा निलंबित करने और जमानत...

  • अरावली को बख्श दें

    जब देश में प्रदूषण के भयंकर नतीजे देखने को मिल रहे हैं, उस समय अरावली की परिभाषा बदलने का विचार आया ही क्यों? समस्या विकास और समृद्धि की वह समझ है, जिसमें शुद्ध वातावरण की जरूरत मायने नहीं रखती। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के इस स्पष्टीकरण से शायद ही कोई आश्वस्त हो कि अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा सिर्फ खनन के लिए लागू होगी। यानी रियल एस्टेट या अन्य विकास परियोजनाओं के लिए पुरानी परिभाषा लागू रहेगी। भूपेंद्र यादव का यह आश्वासन भी आशंकाओं का निराकरण नहीं कर सकेगा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में खनन की इजाजत नहीं दी जाएगी।...

  • इंडिगो मामले में दायर याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से किया इनकार

    इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों के रुकने से यात्रियों को हुए नुकसान को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि यह मामला पहले से ही दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट इसमें दखल नहीं देगा।  इस मामले की सुनवाई कर रहे सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह अपनी बात दिल्ली हाईकोर्ट में ही रखें। सीजेआई ने कहा कि जब किसी मामले पर हाईकोर्ट पहले से सुनवाई कर रहा हो और उसने कुछ निर्देश भी दिए हों, तो ऐसे में अगर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई शुरू...

  • सुप्रीम कोर्ट ने बीएलओ की सुरक्षा पर जारी किया नोटिस

    पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में शामिल बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नया नोटिस जारी किया है। यह कदम राज्य में बीएलओ की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और उनके कार्यभार के बढ़ते दबाव के मद्देनजर उठाया गया है।  सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि तमाम राजनेता इस मुद्दे को लेकर कोर्ट पहुंच रहे हैं। ऐसा लगता है कि यह मंच उन्हें हाईलाइट करने का माध्यम बन गया है। सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि बीएलओ पर...

  • मंदिर का चढ़ावा भगवान की संपत्ति है

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बड़े अहम मसले पर बड़ा फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि मंदिरों का चढ़ावा भगवान की संपत्ति है, जिसका इस्तेमाल किसी को ऑपरेटिव बैंक की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए नहीं किया जा सकता है। असल में केरल हाई कोर्ट ने पहले यह फैसला सुनाया था, जिसके खिलाफ केरल के को ऑपरेटिव बैंक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने सारी याचिकाओं को खारिज करते हुए हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। केरल हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि को ऑपरेटिव बैंक तिरुनेल्ली मंदिर देवस्वम् को...

  • बीएलओ पर पर दबाव घटाने का आदेश

    नई दिल्ली। देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के काम में लगे बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओज को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सर्वोच्च अदालत ने बीएलओज के ऊपर से दबाव कम करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को कहा कि सरकार अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करे ताकि काम के घंटे कम किए जा सकें। साथ ही यह भी कहा कि अगर किसी के पास जरूरी कारण है तो उसकी छुट्टी भी मंजूर की...

  • अब सीबीआई करेगी पूरे देश में डिजिटल अरेस्ट मामलों की जांच, सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश

    देशभर में तेजी से बढ़ते डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम की जांच अब सीबीआई करेगी। यह जांच अन्य किसी स्कैम से अलग और प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।  मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने सीबीआई को मामलों की विस्तृत जांच का निर्देश दिया। साथ ही एजेंसी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसीए) के तहत बैंकरों की भूमिका की जांच करने की पूरी आजादी भी दी है, खासकर उन मामलों में जहां डिजिटल अरेस्ट स्कैम को अंजाम देने के...

  • सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण का समाधान खोजने को कहा

    नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर के इलाके में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर गुरुवार को फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि इन मामलों के विशेषज्ञों के साथ मिल कर इसका समाधान खोजने की जरुरत है। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है कि घुमाए और हवा साफ जाए। इससे पहले बुधवार को उन्होंने कहा था कि वे सुबह एक घंटे के लिए घूमने निकले तो उसके बाद उनको समस्या होने लगी थी। बहरहाल, गुरुवार की सुनवाई में उन्होंने कहा, ‘हमारे पास...

  • दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई गहरी चिंता

    दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस मामले पर 1 दिसंबर यानी सोमवार को सुनवाई का निर्णय लिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हवा की गुणवत्ता की समस्या गंभीर है और इसे तुरंत हल करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।  एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बहुत गंभीर है और इसे एक स्वास्थ्य आपातकाल (हेल्थ इमरजेंसी) के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिकों की जान और स्वास्थ्य दोनों खतरे में हैं। मुख्य न्यायाधीश...

  • संविधान के अनुरूप

    भारतीय सेना ने सर्व धर्म प्रार्थना की परंपरा अपने धर्मनिरपेक्ष चरित्र के अनुरूप स्थापित की है। अपेक्षित है कि ऐसे सिद्धांतों पर दृढ़ता से अमल किया जाए- चाहे मामला किसी भी धर्मावंबी से जुड़ा हुआ हो। सुप्रीम कोर्ट ने यह उचित व्याख्या की है कि कोई सैनिक भारतीय सेना के सामूहिक आचार-धर्म के ऊपर धर्म की अपनी निजी व्याख्या को तरजीह नहीं दे सकता। इस तरह न्यायालय ने उपरोक्त सैनिक के खिलाफ सेना प्रशासन की कार्रवाई को सही ठहराया। इस सैनिक ने अपने रेजीमेंट के सर्व धर्म स्थल पर जाकर प्रार्थना करने से इनकार कर दिया था। इस रुख पर...

  • यह नया न्याय शास्त्र!

    बड़ा सवाल है कि क्या भारतीय न्याय प्रणाली के तहत किसी व्यक्ति को वित्तीय जुर्माना चुका कर आपराधिक अभियोग से मुक्त होने का अवसर दिया जाना चाहिए? आधुनिक न्याय प्रणाली में फौजदारी मामलों से इस तरह मुक्त होने की कोई अवधारणा नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी के एक बहुचर्चित मामले के अभियुक्तों से पैसा वापस लेकर मामला खत्म करने की इजाजत दे दी है। स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड कंपनी के मालिक संदेसरा बंधुओं को इजाजत दी गई है कि वे 5,100 करोड़ रुपये का भुगतान कर गंभीर आरोपों में चल रहे मुकदमों से मुक्त हो जाएं। जबकि उन पर...

  • मानवाधिकारों में सेना बनाम सुप्रीम कोर्ट

    मणिपुर अथवा कश्मीर में जारी घटनाओं में, अदालत के आदेश, सेना के अधिकार और जनता का विश्वास—तीनों पहलू परस्पर टकरा सकते हैं। मगर, लोकतंत्र की खूबसूरती इनमें संतुलन बनाना और संवाद की प्रक्रिया में सही समाधान ढूंढना ही होना चाहिए। जरूरत इसी बात की है कि अतीत के अनुभवों से सीखकर, आज के तात्कालिक विवादों को अंधी भावनाओं के बजाय गहन विश्लेषण और खुले संवाद द्वारा हल किया जाए। पिछले दिनों एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुई। इस पोस्ट में सेवानिवृत्त कर्नल ए। एन। रॉय का बयान सेना के उस वर्ग की भावना को स्पष्ट करता है,...

  • केंद्र ने जो चाहा!

    सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने व्यवस्था दी है कि राज्यपाल के विधेयकों को लटकाए रखने जैसे मामलों को कोर्ट में नहीं लाया जा सकता। कोर्ट ने ऐसा करने को शक्तियों के विभाजन की संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ करार दिया है। विधानसभा से पारित विधेयकों को मंजूरी देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले को पलट दिया है। बल्कि उससे भी आगे जाते हुए जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने व्यवस्था दे दी कि राज्यपाल के विधेयकों को लटकाए रखने जैसे मामलों को कोर्ट में नहीं लाया जा सकता। कोर्ट ने ऐसा करने को शक्तियों...

  • राष्ट्रपति, राज्यपाल को डेडलाइन नहीं दे सकते

    नई दिल्ली। राज्यों की विधानसभाओं से पास विधेयक की मंजूरी के मामले में राष्ट्रपति और राज्यपालों के लिए समय सीमा तय करने के पुराने फैसले से सुप्रीम कोर्ट पीछे हट गई है। पांच जजों की बेंच ने कहा है कि इस मामले में राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए समय सीमा तय नहीं की जा सकती है। हालांकि अदालत ने कहा कि बहुत ज्यादा देरी होने पर सीमित निर्देश जारी कर सकती है। इससे पहले अदालत ने कहा था कि राज्यपालों को तीन महीने के अंदर विधेयकों को मंजूरी देनी होगी। अदालत ने समय सीमा में मंजूरी नहीं देने पर उस...

  • संसद कोर्ट निर्णय नहीं पलट सकती: सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ा झटका देते हुए बुधवार को न्यायाधिकरणों के सदस्यों और पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति, कार्यकाल और सेवा शर्तों से संबंधित न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम, 2021 के प्रमुख प्रावधान रद्द कर दिए। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी की कि “संसद मामूली बदलावों के साथ इन्हें फिर से लागू करके न्यायिक फैसले को दरकिनार नहीं कर सकती।” शीर्ष अदालत ने उन प्रावधानों को अध्यादेश के रूप में लाने और बाद में लगभग समान रूप में कानून बनाकर पेश करने के लिए केंद्र पर तीखी टिप्पणी की। प्रधान न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन...

  • ना कानून, ना कोर्ट!

    पुनरीक्षण याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने 2-1 के बहुमत से मई में दिए गए फैसले को पलट दिया है। नतीजतन, पर्यावरण मंजूरी की बिना परवाह किए काम शुरू करो और बाद में मंजूरी ले लो- यह चलन जारी रहेगा। कानून यह है कि कोई किसी भी निर्माण परियोजना पर काम पर्यावरण संबंधी मंजूरी मिलने के बाद ही होना चाहिए। मगर सरकार ने पहले 2017 में एक अधिसूचना और फिर 2021 में ऑफिस मेमॉरेंडम के माध्यम से प्रावधान कर दिया कि बिना पर्यावरण संबंधी हरी झंडी लिए जिन परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ चुका है, उन्हें बाद में ऐसी...

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