नई दिल्ली। इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से पहले लेबनान का मामला उलझता दिख रहा है। इजराइल ने लेबनान पर बड़े हमले किए हैं और वह कह रहा है कि जब तक हिजबुल्ला को खत्म नहीं करेंगे तब तक हमला जारी रहेगा। दूसरी ओर ईरान के साथ साथ दुनिया के ज्यादातर देश चाहते हैं कि लेबनान को भी युद्धविराम में शामिल मिला जाए। इस बीच लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बात करके पूछा कि ईरान के साथ लागू सीजफायर में लेबनान शामिल है या नहीं। पाकिस्तान इस बात की पुष्टि करे।
उधर यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम सिर्फ वहीं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे लेबनान तक भी बढ़ाना चाहिए। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि लेबनान के समूह हिजबुल्लाह को हथियार छोड़ने चाहिए। काजा कालास ने आगे कहा कि इजराइल की हाल की कार्रवाइयों से यह युद्धविराम कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘इजराइल के हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है, जिससे यह कहना मुश्किल हो जाता है कि यह सिर्फ आत्मरक्षा के लिए किया गया था’।
गौरतलब है कि इजराइली सेना ने बुधवार को लेबनान में सैकड़ों मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 254 लोगों की मौत हो गई। लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, इस हवाई हमले में कम से कम 1,165 लोग घायल हुए। इसके बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। इजराइल ने बेरूत, बेक्का वैली, माउंट लेबनान, सैदोन और दक्षिण लेबनान के कई गांवों में हमला किया। इजराइली सेना ने कहा कि यह हमला दो मार्च से शुरू किए गए उनके नए सैन्य अभियान के बाद लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला था।
समस्या यह है कि ईरान चाहता है कि लेबनान को युद्धविराम में शामिल किया जाए। लेकिन दूसरी ओर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान अमेरिका और ईरान सीजफायर का हिस्सा नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि लेबनान इस समझौते से अलग है और इसका हिस्सा नहीं है। हालांकि इस मामले में संदेशवाहक का काम कर रहे पाकिस्तान का कहना है कि इस सीजफायर में लेबनान भी शामिल है। इस मामले में शुक्रवार को होने वाली वार्ता से कुछ स्पष्टता आएगी।


