पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की 121 सीटों पर नामांकन का आखिरी दिन शुक्रवार, 17 अक्टूबर है लेकिन गुरुवार की रात तक विपक्षी महागठबंधन में सीट बंटवारा तय नहीं हुआ। सभी पार्टियां अपने अपने उम्मीदवारों को सिंबल जारी करती रहीं लेकिन यह तय नहीं हुआ कि कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी। महागठबंधन के सहयोगी मुकेश सहनी गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके गठबंधन छोड़ने का ऐलान करने वाले थे लेकिन तीन बार उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस टली। पहले 12 बजे कॉन्फ्रेंस होनी थी, जिसे चार बजे और फिर छह बजे के लिए टाला गया और उसके बाद शुक्रवार को लिए टाल दिया गया।
बताया जा रहा है कि राजद और कांग्रेस दोनों वादे के मुताबिक सीट छोड़ने पर राजी नहीं हुए हैं। मुकेश सहनी की वीआईपी को 12 से 14 सीटों का प्रस्ताव दिया गया है। इस बीच यह भी खबर है कि महागठबंधन के एक अन्य सहयोगी आईपी गुप्ता भी बाहर हो गए हैं क्योंकि उनकी सीटों का भी फैसला नहीं हो पाया। कांग्रेस और राजद के बीच भी मामला उलझा रहा। गुरुवार को दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बिहार को लेकर बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हुए लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया।
इस बीच सभी पार्टियां अपने अपने हिसाब से सिंबल बांट रही हैं और उम्मीदवार नामांकन भी कर रहे हैं। लेकिन औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। उधर बछवाड़ा सीट पर स्थिति और पेचीदा हो गई है। वहां पहले लड़ी सीपीआई के अवधेश राय उम्मीदवार हैं लेकिन कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार को भी सिंबल दे दिया है। मटिहानी सीट पर भी सीपीएम और राजद के बीच खींचतान चल रही है। इसके उलट, एनडीए पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतर चुका है। एनडीए में शामिल पांचों पार्टियों ने सभी 243 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। गुरुवार को भाजपा का प्रचार अभियान भी शुरू हो गया है। नीतीश कुमार ने सरायरंजन सहरसा में चुनावी रैली को संबोधित किया।


