नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का डीपफेक वीडियो वायरल होने के मामले को गंभीरता से लिया है। इस वीडियो पर विवाद होने के बाद सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को आईटी इंटरमीडिएट रूल्स का पालन करने के लिए कहा है। सरकार ने याद दिलाया है कि सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66डी के मुताबिक, कंप्यूटर संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए प्रतिरूपण कर धोखाधड़ी करने पर तीन साल तक की कैद और एक लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। नियमों के मुताबिक, शिकायत मिलने पर कंपनियों को 24 घंटे के अंदर कंटेंट हटाना होता है।
गलत सूचनाओं और डीपफेक से खड़ी हुई महत्वपूर्ण चुनौतियों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पिछले छह महीनों के भीतर दूसरी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें ऑनलाइन प्लेटफार्मों से डीपफेक के प्रसार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने को कहा गया है। उनका कहना है कि डीपफेक एक बड़ा उल्लंघन है और विशेष रूप से महिलाओं को नुकसान पहुंचाता है। मंत्रालय का कहना है कि सरकार सभी नागरिकों की सुरक्षा व विश्वास की जिम्मेदारी को बहुत गंभीरता से लेती है और इससे भी अधिक बच्चों और महिलाओं की जिम्मेदारी लेती है, जिन्हें इस तरह की सामग्री के जरिए टारगेट किया जाता है।
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