तेल अवीव। इजराइल और हमास की जंग के बीच अमेरिका ने इजराइल की मदद बढ़ा दी है लेकिन दूसरी ओर चीन और रूस ने इजराइल का विरोध किया है। चीन ने तो साफ कहा है कि इजराइल गाजा में सेल्फ डिफेंस के नाम पर जो कर रहा है वह उससे परे है। रूस ने भी संयुक्त राष्ट्र संघ के सुरक्षा परिषद से इस मामले में दखल देने और इजराइल व हमास की जंग रूकवाने को कहा है। दूसरी ओर इजराइल की मदद के लिए अमेरिका ने अपना दूसरा वॉरशिप भूमध्यसागर में भेजा है।
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की है। दोनों के बीच हमास और इजराइल की जंग को समाप्त करने के उपायों पर चर्चा हुई है। उधर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फिलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। उन्होंने दोनों नेताओं से आम लोगों की मदद के लिए करने की अपील की है। बाइडेन ने दोनों नेताओं से जंग के प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचने देने की अपील की है।
शांति के प्रयासों के बीच ही अमेरिका ने इजराइल की मदद के लिए भूमध्यसागर में दूसरा वॉरशिप भेजा दिया है। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस ड्वाइट डी आइजनहावर मेडिटेरियन सी की तरफ भेजा गया है। इस इलाके में अमेरिका का यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड वॉरशिप पहले से ही तैनात है। गौरतलब है कि नौ अक्टूबर को अमेरिका ने इजराइल को सैन्य सहायता देने की बात कही थी। अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा था- मदद के लिए हमारे जहाज और लड़ाकू विमान इजराइल की तरफ बढ़ रहे हैं। हमने यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर को अलर्ट कर दिया है।
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