नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप की यात्रा के बाद उन पर मालदीव के मंत्रियों की ओर से दिए गए अपमानजनक बयानों का मुद्दा सुलझ नहीं रहा है। अब देश की नई चुनी गई मुइज्जू सरकार मुश्किल में घिर गई है। विपक्षी पार्टी मुइज्जू सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। विपक्ष ने कहा है कि भारत के साथ विवाद बढ़ा कर सरकार ने अच्छा नहीं किया है और उसे जल्दी से जल्दी संबंध सुधार करना चाहिए नहीं तो देश को बड़ा खामियाज भुगतना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले दिनों लक्षद्वीप की यात्रा पर गए थे और उन्होंने वहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल कर लोगों से वहां पर्यटन के लिए जाने की अपील की थी। उस पर मालदीव के तीन मंत्रियों ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और भारत की पर्यटन सुविधाओं पर सवाल उठाए थे। भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद तीन मंत्रियों को निलंबित किया गया। इसके बाद भारत ने मालदीव के राजनयिक को बुला कर आधिकारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई।
अब मालदीव के भीतर ही मुइज्जू सरकार घिर गई है। संसद में विपक्षी दल के नेता अली अजीम ने राष्ट्रपति मुइज्जू को हटाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लाने की सिफारिश की है। मुइज्जू पर आरोप है कि जब विवाद चल रहा था तब उन्होंने समय से दखल नहीं दिया था। मुइज्जू फिलहाल चीन की यात्रा पर हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि उनका भारत दौरा भी प्रस्तावित है। इसका अनुरोध पहले ही आ गया है। इस विवाद के बाद उनके जल्दी भारत दौरे का दबाव बढ़ गया है।
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