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आंदोलन तेज करेंगे किसान

चंडीगढ़। पांच दिन से पंजाब और हरियाणा की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसान आंदोलन तेज करने की तैयारी कर रहे हैं। आंदोलन के पांचवें दिन यानी शनिवार को शंभू बॉर्डर पर अपेक्षाकृत शांति रही लेकिन किसानों ने बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। किसानों के साथ रविवार को केंद्र सरकार की चौथे दौर की बातचीत होने वाली है। अगर इसमें कोई सहमति नहीं बनती है तो किसान आंदोलन तेज करेंगे। शनिवार की शाम को किसान आंदोलन के नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार किसानों की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की गारंटी देने का अध्यादेश लाए।

पंधेर ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने 23 फसलों के लिए एमएसपी तय की है लेकिन सिर्फ दो या तीन फसलें ही खरीदती है। उन्होंने कहा- हम पहले कदम के रूप में कॉरपोरेट्स द्वारा फसलों की खरीद में लूट को खत्म करना चाहते हैं। मेरा मानना है कि अगर सरकार गंभीरता से उपभोक्ता और उत्पादक पर ध्यान केंद्रित करे और कॉरपोरेट पर थोड़ा कम ध्यान दे तो इस पूरे मुद्दे को सुलझाया जा सकता है। गौरतलब है कि कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा और दो अन्य मंत्रियों, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय की कमेटी के साथ किसानों की रविवार को बैठक होने वाली है।

इस बैठक से पहले शंभू बॉर्डर पर शनिवार को पूरे दिन शांति रही। किसान धरने पर बैठे रहे और किसान नेताओं ने उनको संबोधित किया। किसानों ने बैरिकेडिंग की तरफ बढ़ने की कोशिश नहीं की इसिलए पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले दागने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की। इस बीच हरियाणा में आंदोलन के समर्थन में अलग अलग जिलों में ट्रैक्टर मार्च निकाले गए। जिसकी अगुआई भारतीय किसान यूनियन के चढ़ूनी गुट के प्रधान गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने की। उधर पंजाब में भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने राज्य के सभी टोल फ्री करा दिए। रविवार को भी ये टोल फ्री रहेंगे।

किसान संगठनों ने इसके साथ ही भाजपा नेताओं के घरों के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने बताया है कि उसकी यूनियन दो दिन के लिए अबोहर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, पटियाला में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और बरनाला में केवल ढिल्लो के घर के बाहर धरने पर बैठ गई है। शनिवार की शाम को शंभू बॉर्डर पर प्रेस कांफ्रेस कर आंदोलन की अगुआई कर रहे सरवण सिंह पंधेर ने कहा- केंद्र की मोदी सरकार चाहे तो अध्यादेश लाकर फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी दे सकती है। बाद में संसद में बिल लाकर इसे कानून की शक्ल दे सकते हैं। ऐसा पहले कई मामलों में किया भी जा चुका है। इस बीच बताया जा रहा है कि किसानों के साथ तीसरी बैठक में बनी सहमति के आधार पर चौथी बैठक में एमएसपी पर एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव आ सकता है, जिसमें किसान नेता भी शामिल होंगे।

By NI Desk

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