नई दिल्ली। एनसीपी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने केंद्र सरकार में मंत्री बनने के प्रस्ताव पर सफाई दी है। उन्होंने कहा- मंत्रीपद की पेशकश की बातों में सच्चाई नहीं है। भाजपा राज्य सरकारों को अस्थिर करने का काम कर रही है। मैं बीजेपी और उनके साथियों से लड़ने की रणनीति बना रहा हूं। ‘इंडिया’ की अगली बैठक मुंबई में होगी। इस बैठक की सफलता के लिए तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह गलत खबर है और उनकी अजित पवार के साथ हुई मुलाकात में कोई राजनीतिक बात नहीं हुई थी। दूसरी ओर उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने कहा है कि उन्हें इस बात के बारे में कोई जानकारी नहीं है कि अजित पवार के जरिए भाजपा शरद पवार को अपने खेमे में लाने का प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के हवाले से खबर आई थी कि अजित पवार ने शनिवार को शरद पवार से मुलाकात में उनको केंद्र में मंत्री बनाने का भाजपा का प्रस्ताव दिया था।
गौरतलब है कि पृथ्वीराज चव्हाण के हवाले से मीडिया में खबर आई है कि भाजपा ने शरद पवार को केंद्र में कृषि मंत्री बनाने या नीति आयोग का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही उनकी बेटी सुप्रिया सुले को भी केंद्र मंत्री पद का ऑफर दिया है। खबरों में बताया गया है कि शनिवार को पुणे में शरद और अजित पवार की मुलाकात हुई थी, जिसमें अजित ने अपने चाचा के सामने यह प्रस्ताव रखा था।
शरद पवार ने अपनी पार्टी के बागी गुट पर निशाना साधते हुए कहा- मैंने बागी गुट से कहा था कि मेरी फोटो यूज न करें। उन्होंने मेरी बात नहीं मानी। अब हम इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे। मैं आठ-दस दिन से राज्य का दौरा कर रहा हूं। लोगों ने मेरे रुख की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और उनके साथी समय के विपरीत काम कर रहे हैं। भाजपा लोगों को धर्म-संप्रदाय के आधार पर बांट रही है। उनका विभाजन दिवस मनाने का फैसला गलत था। दूसरी ओर मीडिया की खबरों को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि शरद पवार और अजित पवार के बीच क्या बात हुई।
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