नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए समझौते पर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान को 28 लाख करोड़ रुपए देने की बात सही नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट्स की तरफ से यह झूठ फैलाई गई है। गौरतलब है कि ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि समझौता होने पर अमेरिका और खाड़ी के उसके सहयोगी देश ईरान में पुनर्निर्माण के लिए करीब 28 लाख करोड़ रुपए का पैकेज देगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप जी 7 देशों के सम्मेलन में हिस्सा लेने फ्रांस गए हैं। उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात में भी बताया कि अमेरिका अभी ईरान में कोई पैसा नहीं लगा रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम ईरान में कोई पैसा निवेश नहीं कर रहे हैं, लेकिन हमें भविष्य में कभी भी वहां जाकर निवेश करने का अधिकार है’।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेबनान मुद्दे पर ज्यादा जिम्मेदारी दिखाने की सलाह दी है। ट्रंप ने कहा, ‘मैं न होता, तो इजराइल नहीं होता। किसी दूसरे अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजराइल के लिए उतना नहीं किया, जितना मैंने किया है’। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ हुए समझौते को कांग्रेस के पास भेजा जाएगा, ताकि उसकी औपचारिक समीक्षा की जा सके। यह समझौता संसद के पास इसलिए जाएगा क्योंकि ईरान के परमाणु मामले से जुड़ी किसी भी बात की समीक्षा संसद ही करती है। सांसद इसके प्रावधानों पर चर्चा कर अपनी मंजूरी या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
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