नई दिल्ली। वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी में बड़े बदलाव की मंजूरी मंत्री समूह ने दे दी है। बिहार के वित्त मंत्री और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्री समूह की बैठक के बाद गुरुवार को बताया कि मंत्री समूह ने जीएसटी के 12 और 28 फीसदी के स्लैब को खत्म करने की मंजूरी दे दी है। अब जीएसटी के दो ही मुख्य स्लैब होंगे। एक पांच फीसदी कै और दूसरा 18 फीसदी का। विलासिता की चीजों को 40 फीसदी के अलग स्लैब में रखा जाएगा। गौरतलब है कि पांच, 12, 18 और 28 फीसदी के चार स्लैब हैं।
मंत्री समूह के संयोजक सम्राट चौधरी ने बैठक के बाद कहा, ‘हमने केंद्र सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें 12 और 28 फीसदी के जीएसटी स्लैब को खत्म करने की बात है। सभी ने केंद्र के प्रस्तावों पर अपने सुझाव दिए’। उन्होंने कहा, ‘कुछ राज्यों ने कुछ आपत्तियां भी जताईं। इसे जीसटी काउंसिल के पास भेजा गया है जो इस पर फैसला करेगी’। बताया जा रहा है कि सितंबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में जीएसटी काउंसिल की बैठक हो सकती है, जिसमें इस पर मुहर लगेगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से कहा था कि इस साल दिवाली में बड़ा तोहफा मिलने वाला है। उन्होंने कहा था कि सरकार अगली पीढ़ी के सुधार लेकर आ रही है। माना जा रहा है कि 12 फीसदी के स्लैब की ज्यादातर वस्तुएं पांच फीसदी के स्लैब में आ जाएंगी। इससे रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों में बड़ी कमी आएगी। यह भी बताया जा रहा है कि जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर लगने वाला 18 फीसदी टैक्स को खत्म किया जा सकता है या पांच फीसदी किया जा सकता है।
जीएसटी की दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए बने मंत्री समूह में छह सदस्य हैं। इसमें बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, और केरल के प्रतिनिधि शामिल हैं। जबकि स्वास्थ्य और जीवन बीमा की जीएसटी पर विचार के लिए बने मंत्री समूह में 13 सदस्य हैं। बहरहाल, मंत्री समूह की सिफारिशें अब जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में रखी जाएंगी। यह बैठक जल्द ही हो सकती है, क्योंकि प्रधानमंत्री की घोषणा के मुताबिक अगर दिवाली पर डबल धमाका होना है तो इसके लिए अक्टूबर के शुरू में ही इसका फैसला हो जाना चाहिए।
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