मुंबई। महाराष्ट्र में बृहन्नमुंबई महानगर निगम यानी बीएमसी के साथ 29 शहरों में नगर निगम के चुनाव 15 जनवरी को होने वाले हैं। उससे पहले रविवार, चार जनवरी को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के लिए साझा घोषणापत्र जारी किया। घोषणापत्र जारी करने के लिए 20 साल के बाद पहली बार राज ठाकरे शिव सेना भवन पहुंचे। शिव सेना से अलग होने और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना नाम से अपनी पार्टी बनाने के बाद पहले बार वे शिव सेना भवन पहुंचे।
गौरतलब है कि आठ साल के बाद हो बीएमसी चुनाव के लिए दोनों भाई साथ आए हैं। उद्धव ठाकरे की शिव सेना और राज ठाकरे की मनसे मिल कर चुनाव लड़ रहे हैं। उद्धव ने बीएमसी चुनाव में कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी से तालमेल नहीं किया है। इससे पहले दोनों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें दावा किया था कि मराठी मानुष मुंबई का मेयर बनेगा।
रविवार को घोषणापत्र जारी करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि महायुति पहले वोट चुराती थी अब उम्मीदवार चुरा रही है। उन्होंने कहा, ‘देश में ऐसा माहौल हो गया है जैसे लोकतंत्र पर भीड़तंत्र का कब्जा हो’। असल में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं, इस पर उद्धव ने निशाना साधा।
उधर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने भी कहा कि निगम चुनाव के बाद मुंबई को मराठी हिंदू मेयर मिलेगा। वर्ली में एक रैली में उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें देश से बाहर निकाला जाएगा। फड़नवीस ने कहा, ‘यह सुनिश्चित करेंगे कि देश की मुंबई को एक ऐसा मेयर मिले जो मराठी और हिंदू हो’। मुख्यमंत्री ने भाषा विवाद की आलोचना करते हुए कहा कि कोई भी मुंबई को राज्य के बाकी हिस्सों से अलग नहीं कर सकता और मुंबईकर विकास चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव मुंबई और उसके लोगों के बारे में है, जो जाग गए हैं और प्रगति चाहते हैं।
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