प्रयागराज। माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने से रोके जाने के बाद से शकंराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अनशन पर बैठे हैं और सरकार व भारतीय जनता पार्टी के मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। भाजपा की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शंकराचार्य का समर्थन किया है। उन्होंने प्रशासन द्वारा शंकराचार्य से सबूत मानने को गलत बताया है और कहा कि प्रशासन ने शंकराचार्य से सबूत मांगकर मर्यादा तोड़ी। इस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जवाब दिया, ‘ये बात योगी को भी बता दें’।
उधर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी बाबा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से चिट्ठी लिखी। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद को सम्मान के साथ गंगा स्नान कराने की व्यवस्था की जाए और अधिकारियों को माफी मांगने के लिए आदेश दिए जाएं। गौरतलब है कि सोमवार को बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में इस्तीफा दिया था। इसके बाद से अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि आज की लड़ाई हिंदू-मुसलमान या अंग्रेज-भारतीय की नहीं, बल्कि नकली और असली हिंदू के बीच है।


