नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के बाद पहली अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी पहली राष्ट्रीय पार्टी बनी है, जिसने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद और चुनाव रणनीतिकार संदीप पाठक ने कहा है- हम समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हैं क्योंकि संविधान का अनुच्छेद 44 भी कहता है कि देश में समान कानून होना चाहिए। हालांकि, इसके लिए सभी धर्म के लोगों, राजनीतिक पार्टियों और संगठनों से सलाह-मशविरा कर आम सहमति बनाई जानी चाहिए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 जून को भोपाल में भाजपा के एक कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता देश भर में लागू करने की वकालत की थी। इसके बाद कांग्रेस, जनता दल यू, एमआईएम जैसी कई विपक्षी पार्टियों ने भाजपा पर मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के आरोप लगाए थे। इस बीच मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी मंगलवार को मीटिंग बुलाई और अपना रुख तय किया। जल्दी ही वह विधि आयोग के सामने अपना पक्ष रखेगा।
ध्यान रहे विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता के मसौदे पर आम लोगों से एक महीने में राय देने को कहा है। बुधवार को विधि आयोग के प्रमुख जस्टिस ऋतुराज अवस्थी ने इस बारे में कहा- समान नागरिक संहिता कोई नया मुद्दा नहीं है। हमने कंसल्टेशन प्रोसेस भी शुरू कर दी है। इसके लिए कमीशन ने आम जनता की राय मांगी है। कमीशन को इसकी अधिसूचना जारी करने से लेकर अब तक साढ़े आठ लाख प्रतिक्रिया मिली है।
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