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  • दिल्ली में भाजपा, आप को सबक मिल गया

    दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी दोनों को सबक मिल गया। चुनाव ज्यादा बड़ा नहीं था लेकिन दिल्ली नगर निगम, एमसीडी की 12 सीटों के नतीजों से दिल्ली के लोगों ने एक राय प्रकट की है। दिल्ली के लोगों ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है। भाजपा पहले से जीती हुई नौ में से दो सीटों पर चुनाव हार गई है। एक सीट पऱ उसको आम आदमी पार्टी ने हराया तो दूसरी सीट पर कांग्रेस ने हराया। हालांकि भाजपा के नेता संतोष कर रहे हैं कि उनका वोट प्रतिशत बढ़ा है लेकिन इससे दो सीटें हारने की...

  • दिल्ली में भाजपा और आप की जोर आजमाइश

    वैसे तो दिल्ली नगर निगम में भाजपा को बहुमत की समस्या नहीं है। उसके पाक 116 पार्षद हैं और आम आदमी पार्टी से अलग होकर बनी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 15 पार्षदों का समर्थन भी उसको है। इस तरह उसके पास 131 पार्षद हो जाते हैं, जबकि सदन की संख्या ढाई सौ की है। फिर भी इसमें से खाली हुई 12 सीटों पर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच जबरदस्त जोर आजमाइश है। इसका कारण यह है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में आप के बुरी तरह से हारने के बाद आम आदमी पार्टी को अपनी ताकत दिखानी है।...

  • एमसीडी चुनाव में आप की मुश्किल

    राजधानी दिल्ली में नगर निगम चुनाव में अभी दो साल बाकी हैं लेकिन उससे पहले एक मिनी चुनाव हो रहा है। विधानसभा चुनाव में कई पार्षदों के विधायक बन जाने और अन्य वजहों से खाली हुई एमसीडी की 12 सीटों पर चुनाव हो रहा है। नगर निगम के पिछले चुनाव में भाजपा ने आम आदमी पार्टी को हरा कर निगम पर कब्जा किया था। अब दोनों के लिए 12 सीटों का चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई है। आम आदमी पार्टी को दिखाना है कि दिल्ली में उसका आधार पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। यह इसलिए जरूरी है क्योंकी अब...

  • बंगला केजरीवाल की दुखती नस है

    अरविंद केजरीवाल एक बार फिर बंगले के विवाद में फंसे हैं। इस बार मामला चंडीगढ़ में मिले एक कथित बंगले का है। असल में उन्होंने सस्ती नीली कमीज और वैगन आर गाड़ी से अपनी जो ब्रांडिंग की थी वह पिछले चुनाव में पूरी तरह से समाप्त हो गई। इसके ममाप्त होने की शुरुआत 2015 में मिली भारी भरकम जीत के बाद ही हो गई थी। लेकिन पांच साल वह ढकी छिपी रही और 2020 में भी दिल्ली के लोगों ने मुफ्त की चीजों और सेवाओं के नाम पर उनको वोट दे दिया। लेकिन उसके बाद के पांच साल में केजरीवाल...

  • ईडी की रेड पर ‘आप’ का हमला

    नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज के घर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने इस कार्रवाई को पूरी तरह फर्जी, निराधार और राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया।  ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार आम आदमी पार्टी को टारगेट कर रही है, क्योंकि देश की गलत नीतियों और भ्रष्ट कामों के खिलाफ सबसे मुखर आवाज 'आप' की है। उन्होंने कहा इतिहास में किसी पार्टी को इतनी बुरी तरह से निशाना नहीं बनाया गया। भाजपा हमारी आवाज दबाना...

  • गुजरात के निकाय चुनावों में आप की परीक्षा

    आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की नजर अब गोवा और गुजरात पर है। दिल्ली में वे कम सक्रिय हैं। पंजाब का चुनाव कैसे जीतना है यह मनीष सिसोदिया ने बताया है। लेकिन असली नजर गोवा और गुजरात में है। केजरीवाल को लग रहा है कि वे इन दो राज्यों में कांग्रेस की जगह ले सकते हैं। गुजरात की विसावदर सीट पर उपचुनाव में मिली जीत से केजरीवाल का हौसला बढ़ा है। तभी उनकी पार्टी राज्य में होने वाले स्थानीय निकायों के चुनावों में अपने को साबित करने में लगी है। गौरतलब है कि तीन महीने में राज्य के...

  • भाजपा-आप की लड़ाई में कांग्रेस का नुकसान

    दिल्ली में आम आदमी पार्टी के चुनाव हार कर सरकार से बाहर होने के बाद ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस के लिए स्पेस बन सकता है। यह भी लग रहा था कि दिल्ली में हारने और खासकर पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के भी हार जाने के बाद पार्टी का ग्राफ गिरेगा, जिससे कांग्रेस को दिल्ली के साथ साथ पंजाब और गुजरात में भी अपनी कोई हुई जमीन हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी को सरकार से बाहर हुए छह महीने होने जा रहे हैं और कांग्रेस अपने लिए...

  • आम आदमी पार्टी के सांसद कहां रहते हैं?

    आम आदमी पार्टी के तकनीकी रूप से 11 सांसद हैं। राज्यसभा में नौ और लोकसभा में दो। राज्यसभा में उसके कोटे की एक सीट खाली है। संजीव अरोड़ा इस्तीफा देकर पंजाब सरकार में मंत्री बन गए हैं और एक सांसद स्वाति मालिवाल बागी होकर अलग हो गई हैं। फिर भी 10 सांसदों की ताकत मामूली नहीं है। कायदे से इन 10 सांसदों को संसद सत्र के दौरान एकजुट रहना चाहिए और पार्टी के एजेंडे के हिसाब से काम करना चाहिए। लेकिन संसद का मानसून सत्र चल रहा है और आप के सांसद लापता हैं। राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के...

  • गुजरात, पंजाब में आप की जीत

    नई दिल्ली। चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। सोमवार का दिन आम आदमी पार्टी के लिए लकी साबित हुआ है। पार्टी ने पंजाब और गुजरात दोनों जगह अपनी सीटें बचा ली हैं। पंजाब की लुधियाना वेस्ट की सीट पर पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा चुनाव जीत गए हैं और गुजरात की विसावदर सीट पर पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल इटालिया ने बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के कीर्ति पटेल को हराया। विसावदर की हार भाजपा के लिए बड़ा झटका है। गुजरात की कडी सीट से भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र चावड़ा...

  • अगर आप लुधियाना में हारी तो क्या होगा?

    वैसे तो देश के चार राज्यों में पांच विधानसभा सीटों पऱ उपचुनाव हो रहा है लेकिन सबसे रोचक और बड़े राजनीतिक असर वाला चुनाव पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर है। आम आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी के निधन से यह सीट खाली हुई थी। 19 जून को इस सीट पर उपचुनाव है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस सीट के लिए पंजाब में डेरा डाला हुआ है। उन्होंने अपनी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को लुधियाना पश्चिम सीट से उम्मीदवार बनाया है। माना जा रहा है कि राज्यसभा सांसद को केजरीवाल ने इसलिए...

  • दिल्ली में आम आदमी पार्टी का नेता कौन?

    राजधानी दिल्ली में चुनाव हार कर सत्ता से बाहर होने के बाद से आम आदमी पार्टी का संकट खत्म नहीं हो रहा है। आम आदमी पार्टी के एक जानकार नेता का कहना है कि पार्टी का सबसे बड़ा संकट नेतृत्व का है। पार्टी के सुप्रीम अरविंद केजरीवाल ने सौरभ भारद्वाज को दिल्ली प्रदेश कमेटी का अध्यक्ष बनाया है और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को विधायक दल का नेता बनाया है। सो, कायदे से ये दोनों दिल्ली के नेता हैं। लेकिन इनकी मुश्किल यह है कि ये ज्यादा नेतागिरी नहीं कर सकते हैं। ये दोनों इस बात से घबराते हैं कि अगर...

  • भाजपा से मजबूत तो आप सरकार थी

    आम आदमी पार्टी की जब दिल्ली में सरकार थी तब कोई उसे गंभीरता से नहीं लेता था। भारतीय जनता पार्टी, उसकी केंद्र सरकार और उप राज्यपाल ने यह धारणा बना दी थी कि आप सरकार के हाथ में कुछ भी नहीं है और दिल्ली की असली सरकार उप राज्यपाल हैं। अरविंद केजरीवाल सरकार के सभी फैसलों पर उप राज्यपाल या तो रोक लगा देते थे या अपने हिसाब से मंजूरी देते थे। केजरीवाल सरकार को कार्यालय के लिए पेन, पेंसिल और कागज खरीदने की फाइल भी उप राज्यपाल के पास भेजनी होती थी। फिर भी पिछले 10 साल में दिल्ली...

  • विज्ञापन मामले में सिर्फ आप क्यों निशाने पर?

    आम आदमी पार्टी एक बार फिर विज्ञापन के विवाद में फंसी है। असल में 2015 में पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद से ही अरविंद केजरीवाल की सरकार विज्ञापन को लेकर विवादों में रही है। विज्ञापन पर शीला दीक्षित की पूर्ववर्ती सरकार के मुकाबले कई गुना ज्यादा खर्च करने को लेकर केजरीवाल सरकार पर अनेक सवाल उठे। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सवाल उठाया और एक मामले में तो कोर्ट ने यहां तक कहा कि सरकार के पास विज्ञापन पर खर्च करने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए हैं लेकिन बुनियादी ढांचे की परियोजना...

  • सीएम की पत्नी बनाम सीएम के पति

    अभी तक मुखिया पति, सरपंच पति सुनने को मिल रहा था। कहीं कहीं विधायक पति और सांसद पति भी देखे जा रहा था। स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू होने के बाद अचानक महिला प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ी, जिनमें से ज्यादातर घरेलू महिलाएं थीं, जिनके पति नेता था। तो प्रतिनिधि चुने जाने के बाद महिलाओं की जगह उनके पति ही प्रधान बन कर काम करते थे। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ से तो यह खबर आई थी कि महिला प्रतिनिधियों की जगह उनके पतियों ने ही पद और गोपनीयता की शपथ ले ली। अब यह मुखिया और सरपंच से बढ़...

  • दिल्ली में आप को याद किया जाने लगा

    राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने अभी दो महीने नहीं हुए हैं लेकिन लोग आम आदमी पार्टी की सरकार को याद करने लगे हैं। लेकिन सबको पता है कि अभी कुछ नहीं हो सकता है क्योंकि चुनाव पांच साल बाद होंगे और तब तक हो सकता है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार स्थिति को बेहतर ढंग से संभाल ले। लेकिन अभी ऐसा लग रहा है कि कुछ चीजें बेलगाम हो गई हैं। जैसे बिजली कटौती का मामला है। गर्मियां बढ़ते ही बिजली जाने लगी है। सरकार कह रही है कि स्थानीय स्तर पर रिपेयर और मेंटेनेंस...

  • आप सरकार की पोल खुल रही है

    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। चुनाव हारने के बाद वे लगातार भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के निशाने पर हैं। दिल्ली की भाजपा सरकार उनकी पोल खोल रही है। सरकार ने विधानसभा के पहले सत्र में सीएजी रिपोर्ट्स पेश की थी, जिनसे आप सरकार की गड़बड़ियों का पता चला था और अब बजट सत्र में भी यही काम किया जा रहा है। इसके अलावा आप सरकार के 10 साल के कामकाज में से खोज कर कुछ चुनिंदा चीजें सामने लाई जा रही हैं। इनमें से...

  • बीजेपी सरकार ने दिल्ली को दिया ‘हवा-हवाई’ बजट : आतिशी

    नई दिल्ली। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली सरकार द्वारा पेश बजट को ‘हवा-हवाई’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से आधारहीन है और इससे जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला है। आतिशी ने सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी सरकार ने इस बार आर्थिक सर्वेक्षण क्यों नहीं पेश किया।  उन्होंने कहा आज मालूम हो रहा है कि सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण क्यों पेश नहीं किया। अगर सरकार सर्वे पेश करती, तो उसके इस फ़र्ज़ी बजट की पोल खुल जाती। मैं भाजपा सरकार को चुनौती...

  • सौरभ भारद्वाज दिल्ली के अध्यक्ष बने

    delhi president :  आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में चुनाव हारने के बाद संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने पूर्व मंत्री और ग्रेटर कैलाश के पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज को दिल्ली प्रदेश कमेटी का अध्यक्ष बनाया है। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर पार्टी के राजनीतिक मामलों की कमेटी पीएसी की बैठक हुई, जिसमें संगठन में बदलाव का फैसला किया गया। सौरभ भारद्वाज पूर्व मंत्री गोपाल राय की जगह लेंगे। मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। also read: क्सक्लूसिव: करण कुंद्रा ने तेजस्वी प्रकाश संग शादी पर की खुलकर...

  • विधानसभा के बाहर आप विधायकों का प्रदर्शन

    नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के बाहर गुरुवार को आम आदमी पार्टी के विधायकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनको विधानसभा के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। गौरतलब है कि स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आप के 22 में से 21 विधायकों को तीन दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी भी शामिल हैं। निलंबन के विरोध में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के 22 विधायकों ने छह घंटे से ज्यादा प्रदर्शन किया। आप विधायकों ने इस मसले पर राष्ट्रपति से भी शिकायत करने का फैसला...

  • सफाई, हवा और पानी का मुद्दा रहा

    delhi election issue :  चुनाव के बाद दिल्ली में हुए सर्वेक्षण से पता चल रहा है कि अरविंद केजरीवाल का मुफ्त की चीजें बांटना काम आया। मुफ्त बिजली, पानी और महिलाओं को बस पास का मुद्दा दिल्ली में चला और इसलिए झुग्गी झोपड़ी बस्तियों में आप को वोट मिला। मुस्लिम और दलित समूहों का वोट आप के साथ रहा। लेकिन उसके हराने वाला वोट मध्य वर्ग और निम्म मध्य वर्ग का था, जिसके लिए मुफ्त की वस्तुएं और सेवाएं पर्याप्त नहीं साबित हुईं। (delhi election issue) चुनाव बाद के सर्वेक्षणों में पता चला कि भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ साथ...

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