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अमेरिका-ईरान समझौते के करीब

नई दिल्ली। अगर सब कुछ ठीक तरीके से आगे बढ़ा तो अगले 24 घंटे में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने का समझौता हो जाएगा। दोनों देश समझौते के बहुत करीब पहुंच गए हैं। एक 14 सूत्री प्रस्ताव तैयार हो गया है और एक पन्ने का एक समझौता प्रस्ताव भी तैयार हो गया है। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस समझौते के साथ ही ईरान में जंग खत्म हो जाएगी और साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत का रास्ता बन जाएगा। दोनों देशों के बीच समझौता होने की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में छह फीसदी की गिरावट आई है। अमेरिकी कच्चा तेल भी सस्ता हुआ है।

बहरहाल, अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्री समझौता तैयार है। हालांकि अभी इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन इस पर बातचीत पहले से ज्यादा आगे बढ़ चुकी है। जानकार सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक इस समझौते में तय हुआ है कि सबसे पहले युद्ध खत्म करने की घोषणा की जाएगी। इसके बाद अगले एक महीने में दोनों देशों के बीच हर मसले पर विस्तार से बातचीत होगी। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में होर्मुज की खाड़ी, परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील और ईरान की जब्त संपत्ति छोड़ने जैसे मुद्दे होंगे। यह भी कहा गया है कि दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद या जिनेवा में बात होगी।

दोनों के बीच समझौते के लिए तैयार मसौदे में कहा गया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को कुछ समय के लिए रोक सकता है। बदले में अमेरिका धीरे धीरे पाबंदियां कम करेगा और ईरान की जब्त की संपत्ति छोड़ेगा। इसके साथ ही यह भी तय हुआ है कि होर्मुज की खाड़ी में दोनों तरफ से लगाई गई पाबंदियों में भी ढील दी जाएगी। इस बीच ईरान ने कहा है कि अब होर्मुज से गुजरने वाले देश उसकी शर्तों को मान रहे हैं इसलिए अब वहां पूरी शांति रहेगी और सामान्य मालवाहक जहाजों को गुजरने दिया जाएगी।

दोनों देशों के बीच समझौते की सबसे बड़ी बाधा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की अवधि का है। ईरान चाहता है कि इसे पांच के लिए रोका जाए, जबकि अमेरिका 20 साल तक रोकने पर अड़ा हुआ है। पांच और 20 साल के बीच की कोई अवधि तय करने का प्रयास किया जा रहा है। समझौते की वार्ता के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वो समझौते की बात मान लेता है, तो लड़ाई खत्म हो जाएगी और होर्मुज की खाड़ी सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा। लेकिन अगर ईरान नहीं मानता, तो अमेरिका फिर से हमला शुरू करेगा। ट्रंप ने कहा कि इस बार हमले पहले से ज्यादा बड़े और तेज होंगे। दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान चीन ने कहा कि वह आगे भी ईरान का साथ देता रहेगा।

By NI Desk

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