नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी गई धमकी की सीमा आगे बढ़ा दी है। उन्होंने ईरान के पावर प्लांट्स और उर्जा ठिकानों हमले की योजनी को फिलहाल टाल दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद यह फैसला किया गया है। उन्होंने खुद इस बात की जानकारी दी है और बताया है कि रक्षा विभाग को उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी सैन्य हमलों को पांच दिन के लिए रोक दिया जाए। उन्होंने कहा है कि बहुत जल्दी समझौता हो सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान बातचीत के लिए बेकरार है और जल्दी समझौता करना चाहता है। उन्होंने कहा कि पांच दिन या उससे कम समय में यह डील हो सकती है। ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज’ से बातचीत में कहा कि ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर पांच दिन के लिए हमले को टालना इसी बातचीत का नतीजा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने खुद आगे बढ़ कर बातचीत की पहल की।
जब उनसे कहा गया कि ईरानी मीडिया ने उनके दावे को गलत बताया है तो उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे किस बारे में बात कर रहे हैं, क्योंकि ताजा बातचीत तो हाल ही में हुई है। ट्रंप ने कहा कि पिछली रात ही अमेरिका के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर ने ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की थी।
इससे पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला टालने का फैसला ईरान के साथ चल रही बातचीत के सकारात्मक रुख को देखते हुए किया गया है। उन्होंने कहा कि वार्ता आगे भी जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि अगर बातचीत सफल रहती है, तो मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने दो दिन पहले ईरान को धमकी दी थी कि अगर 48 घंटे में होरमुज की खाड़ी नहीं खोली गई तो वे ईरान के पावर प्लांट पर बड़ा हमला करेंगे। जवाब में ईरान ने पलटवार किया और कहा कि अगर उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाया गया तो वह खाड़ी के दूसरे देशों के ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करेगा। यह भी कहा जा रहा था कि ईरान खारे पानी को साफ करने वाले प्लांट्स पर भी हमला कर सकता है। इस वजह से भी ट्रंप ने हो सकता है कि पावर प्लांट्स को निशाना बनाने की धमकी की समय सीमा टाली हो सकती है।


