नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में एक बार फिर फैसला टल गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को तीसरी बार फैसला टाल दिया। अदालत को फैसला करना है कि हेराल्ड मामले में धन शोधन के केस प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के आरोपपत्र पर संज्ञान लेना है या नहीं। इस मामले में ईडी की विशेष अदालत ने जुलाई में फैसला टाला था। उसके बाद अगस्त में फैसला टला और अब फिर टल गया है। अब विशेष अदालत 16 दिसंबर को फैसला सुनाएगी। इस मामले में जून और जुलाई 2022 में राहुल और सोनिया गांधी से ईडी ने लंबी पूछताछ की थी।
ईडी के आरोपपत्र में धन शोधन निरोधक कानून यानी पीएमएलए के तहत सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और कांग्रेस के दूसरे कई वरिष्ठ नेताओं के नाम हैं। ईडी ने इन नेताओं पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी एजेएल से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि एजेएल ही नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन करती थी। कोर्ट ने 14 जुलाई को बहस पूरी होने के बाद फैसला 29 जुलाई तक के लिए सुरक्षित रखा था। इसके बाद 8 अगस्त और 29 नवंबर को फैसला टला। अब कोर्ट 16 दिसंबर को फैसला सुनाएगी।
इससे पहले ईडी ने अप्रैल में एक बयान में कहा था कि उसने 661 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को कब्जे में लेने के लिए नोटिस जारी किया है। ईडी ने पीएमएलए कानून की धारा 8 और नियम 5(1) के अनुसार संबंधित संपत्ति रजिस्ट्रार को दस्तावेज सौंपे थे। इसके बाद ईडी ने कब्जे में ली जाने वाली संपत्तियां खाली करने की मांग की थी। इन अचल संपत्तियों के अलावा ईडी ने एजेएल के 90.2 करोड़ रुपए के शेयरों को नवंबर 2023 में अपराध की आय को सुरक्षित करने और आरोपी को इसे नष्ट करने से रोकने के लिए जब्त किया था।


