नई दिल्ली। लोकसभा के बाद वक्फ बिल राज्यसभा से भी पास हो गया। इस तरह बिल को संसद की मंजूरी मिल गई है और अब इसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद सरकार इसे लागू करने के नियम बनाएगी और इसे लागू करेगी। इससे पहले दोपहर एक बजे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पेश किया। उसके बाद इस पर चर्चा शुरू हुई। करीब 10 घंटे की चर्चा के बाद बिल को राज्यसभा से पास किया गया।
लोकसभा की ही तरह राज्यसभा में सत्तापक्ष यानी एनडीए एकजुट रहा और भाजपा व सभी घटक दलों के सांसदों ने बिल के पक्ष में वोट किया। दूसरी ओर ‘इंडिया’ ब्लॉक की सभी पार्टियों ने बिल के खिलाफ वोट किया। तेलंगाना की मुख्य विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति ने बिल का विरोध किया। परंतु ओडिशा की मुख्य विपक्षी पार्टी और एक समय भाजपा की सहयोगी रही बीजू जनता दल ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी नहीं किया। उसने सबको अंतरात्मा की आवाज पर वोट डालने को कहा। राज्यसभा में उसके सात सांसद हैं।
कांग्रेस की ओर से वक्फ बिल पर पार्टी अध्यक्ष और सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों का हक छीनने वाला है। उनके अला पार्टी की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी, इमरान प्रतापगढ़ी आदि ने पक्ष रखा तो सपा की ओर से रामगोपाल यादव, राजद की ओर से मनोज झा, आम आदमी पार्टी की ओर संजय सिंह बोले। निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने बेहद तार्किक ढंग से बिल के विपक्ष में भाषण दिया।
सरकार की तरफ से बिल पेश करते हुए किरेन रिजिजू ने वही बातें दोहराईं, जो उन्होंने एक दिन पहले बुधवार को लोकसभा में कही थीं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सदन के नेता जेपी नड्डा ने बिल पर पार्टी का पक्ष रखा।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अपने भाषण में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने, ‘हमने कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की तुलना में वक्फ बिल को लेकर कहीं ज्यादा गंभीरता दिखाई। यह बिल पार्टी इंट्रेस्ट का नहीं है, यह नेशनल इंट्रेस्ट का विषय है। इसलिए मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए।
विषय को डिरेल नहीं करना चाहिए’। नड्डा ने कहा कि 31 सदस्यों की जेपीसी ने इस बिल पर विचार के लिए 36 बैठकें कीं और दो सौ घंटे तक चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘बिल में कहीं राम मंदिर आ रहा है। कहीं कुंभ मेला दिख रहा है। बिहार का इलेक्शन दिख रहा। कहीं एअर इंडिया बिक गया। कहीं केरला का सिनेमा आ गया। ये सब चर्चा को डिरेल करने की कोशिश है’।
इससे पहले रिजिजू ने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद तैयार किए गए बिल को जेपीसी के पास भेज दिया गया था। वक्फ को लेकर जेपीसी ने जितना काम किया, उतना काम किसी कमेटी ने नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘संशोधित बिल में मुसलमानों के धार्मिक क्रियाकलापों में किसी तरह का हस्तक्षेप कोई गैर मुस्लिम नहीं करेगा। हमने ट्रांसपैरेंसी, अकाउंटेबिलिटी, एक्यूरेसी पर केंद्रित बदलाव किए हैं। हम किसी की धार्मिक भावना को चोट पहुंचाने के लिए नहीं हैं। गरीब मुसलमानों को न्याय मिले, हमारा यही उद्देश्य है’।
Pic Credit: ANI
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