राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

अंतरिक्ष में अब हथियार तैनात

नई दिल्ली। धरती के बाद अब अंतरिक्ष में युद्ध की तैयारी शुरू हो गई है। अमेरिका ने पहली बार स्वीकार किया है कि उसने अंतरिक्ष में हथियार तैनात किए हैं। इसे लेकर चीन ने नाराजगी जताई है। चीन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वह शांतिपूर्ण अंतरिक्ष पक्षधर है और अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ नहीं शुरू होनी चाहिए। इससे पहले अमेरिकी वायु सेना के सचिव ट्रॉय मिंक ने सोमवार को बताया था कि अमेरिका ने अंतरिक्ष में हथियार तैनात किए हैं।

मिंक ने कहा कि अमेरिका के पास ऑर्बिट में ऐसे हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सैनिकों को दुश्मन के हमले से बचाने के लिए किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा कि ये हथियार आखिर किस तरह के हैं, कितने हैं और इन्हें कब अंतरिक्ष में भेजा गया था। गौरतलब है कि इस समय अमेरिका, रूस और चीन के बीच अंतरिक्ष में अपनी ताकत बढ़ाने की होड़ चल रही है। ऐसे में अमेरिकी वायु सेना के अधिकारी के खुलासे से अंतरिक्ष में हथियारों की दौड़ और तेज होने की आशंका भी बढ़ गई है।

अमेरिका का कहना है कि चीन भी अंतरिक्ष में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। उसने कहा है कि चीन अपनी सेना को आधुनिक बनाने के तहत ऐसी तकनीक विकसित कर रहा है, जिसका इस्तेमाल अंतरिक्ष में मौजूद सेटेलाइट और दूसरे सिस्टम को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है। अमेरिका चीन की बढ़ती सैन्य और अंतरिक्ष ताकत को अपने लिए बड़ी चुनौती मानता है। इसलिए उसने अंतरिक्ष में सुरक्षा के उपाय किए हैं।

बहरहाल, अमेरिका के इस खुलासे के बाद चीन ने अंतरिक्ष में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने से रोकने और अंतरिक्ष को संभावित युद्ध का मैदान बनाने के खिलाफ चेतावनी दी। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘चीन अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और इसे सुरक्षित रखने का पक्षधर है और अंतरिक्ष में किसी भी हथियारों की होड़ या इसे हथियारों से लैस करने और युद्ध का मैदान बनाने की किसी भी प्रयास का विरोध करता है। हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह अंतरिक्ष में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाना बंद करे और ठोस कदमों के साथ वैश्विक रणनीतिक स्थिरता बनाए रखे’।

Tags :

By NI Desk

Under the visionary leadership of Harishankar Vyas, Shruti Vyas, and Ajit Dwivedi, the Nayaindia desk brings together a dynamic team dedicated to reporting on social and political issues worldwide.

Leave a comment