पुरुलिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर घुसपैठ के जरिए राज्य की भाषा और संस्कृति बदलने, आदिवासी क्षेत्रों की अनदेखी करने और ‘‘महाजंगलराज’’ चलाने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री मोदी ने पुरुलिया में एक रैली को संबोधित करते हुए 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले जंगलमहल क्षेत्र में भाजपा की राजनीतिक धार तेज करने की कोशिश की और चुनावी मुकाबले को ‘‘विकास बनाम तुष्टीकरण’’ की लड़ाई बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘घुसपैठ के कारण बंगाल की भाषा और संस्कृति बदल रही है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की राजनीति ने राज्य के सामाजिक चरित्र को बदल दिया है। मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति’’ के कारण आदिवासी पहचान और भाषा की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘संथाली भाषा का अपमान हो रहा है, जबकि मदरसा शिक्षा के लिए रिकॉर्ड बजट आवंटित किया जा रहा है। यह और कुछ नहीं, सिर्फ तुष्टीकरण है।’’
प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस शासन को बार-बार ‘‘महाजंगलराज’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि पुरुलिया, बांकुड़ा और झाड़ग्राम जैसे आदिवासी बहुल जिलों को सड़क, पेयजल, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
आदिवासी क्षेत्रों में भाजपा को स्वाभाविक राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश करते हुए मोदी ने सत्तारूढ़ दल पर स्थानीय ‘सिंडिकेट’ के जरिए आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘तृणमूल ‘सिंडिकेट’ ने आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर लिया है। सत्तारूढ़ दल को ‘कट मनी’ (रिश्वत) दिए बिना कोई काम नहीं होता। तृणमूल कांग्रेस के जंगलराज में रिश्वत के बिना कुछ नहीं होता। जब रिश्वतखोरी अनिवार्य हो, तो उद्योग कैसे फलेगा-फूलेगा?’’


