नई दिल्ली। नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन के लिए लाए गए संविधान के 131वें संशोधन विधेयक को लोकसभा ने खारिज कर दिया है। पहली बार ऐसा हुआ है कि नरेंद्र मोदी सरकार का लाया हुआ कोई बिल लोकसभा से पास नहीं हो सका। दो दिन की चर्चा के बाद शुक्रवार की शाम साढ़े सात बजे के करीब संविधान संशोधन विधेयक को वोटिंग के लिए रखा गया। बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।
चूंकि यह संविधान संशोधन बिल था इसलिए इसे पास कराने के लिए विशेष बहुमत की जरुरत थी। इस विधेयक को पास कराने के लिए सदन की कुल संख्या के सामान्य बहुमत के साथ सदन में उपस्थित और वोट डालने वाले सांसदों की संख्या के दो तिहाई से पास कराना था। लेकिन सरकार दो तिहाई बहुमत नहीं प्राप्त कर सकी। विपक्षी पार्टियां पूरी तरह से एकजुट रहीं।
गौरतलब है कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक के पास 204 सांसद हैं, जबकि ममता बनर्जी के पास 29 सांसद हैं। इनकी कुल संख्या 233 बनती है। बताया गया कि ममता बनर्जी की पार्टी के सात सांसद चुनावी कार्यों में व्यस्त होने की वजह से लोकसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद विपक्ष के पास 230 का समर्थन रहा। आम आदमी पार्टी के तीन और अकाली दल के एक सांसद ने सरकार के खिलाफ वोट किया।
दूसरी ओर सरकार के पास 293 सांसदों का बहुमत है। लेकिन उसके लाए बिल के समर्थन में 298 वोट पड़े। इसका अर्थ है कि सरकार ने दोनों गठबंधनों के बाहर के दलों के कुछ वोट का इंतजाम किया। वोटिंग के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद थे और वोटिंग में हिस्सा लिया। लोकसभा के पटल पर बिल के गिर जाने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने परिसीमन के लिए लाए गए बाकी दो बिल पेश नहीं किए। साथ ही उन्होंने विपक्ष के ऊपर हमला करते हुए कहा कि विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इसके लिए विपक्ष को कभी माफ नहीं करेंगी। इसके बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की।
दूसरी ओर लोकसभा में बिल गिर जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं था, बल्कि देश की राजनीतिक व्यवस्था को बदलने वाला बिल था। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बिल को लेकर कहा कि यह महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लागू करने का प्रयास था, जिसका पास होना मुमकिन ही नहीं था। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी कहा कि बिल परिसीमन लागू करने के लिए लाया गया था। उन्होंने विपक्ष की एकजुटता बताते हुए कहा कि विपक्ष ने एक लक्ष्मण रेखा खींची थी, जिसे सरकार नहीं पार कर सकी।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


