कोई काम बचा ही नहीं!
असल में यही वह एप्रोच है, जिसकी वजह से कहा जाता है कि सब काम हो गए। पिछले 12 साल में हर क्षेत्र की योजनाएं शुरू कर दी गईं, नारे गढ़ दिए गए, अभियान चला दिए गए और कह दिया गया कि काम पूरा हो गया। देश में स्वच्छता अभियान शुरू हुआ। महात्मा गांधी का चश्मा उसका लोगो बना। इस अभियान को सफल घोषित कर दिया गया लेकिन हकीकत यह है कि राजधानी दिल्ली में हर दिन सैकड़ों टन कचरा नहीं उठता है। 45 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में भी दिल्ली की हवा प्रदूषित हुई और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान...