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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए रिपब्लिकन पार्टी से प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों का नियंत्रण छीन लिया है। बुधवार को लगातार आ रहे चुनावी नतीजों के बीच सामने आए अनुमानों के अनुसार, यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है।

श्री ट्रंप की ऐतिहासिक रूप से कम होती लोकप्रियता और अर्थव्यवस्था तथा जीवनयापन की बढ़ती लागत को लेकर जनता में असंतोष का फायदा उठाते हुए डेमोक्रेट्स ने देशभर में रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे वाली सीनेट की कई सीटों पर जीत दर्ज की। इनमें परंपरागत रूप से रिपब्लिकन पार्टी के प्रभाव वाले राज्य भी शामिल हैं। इससे अमेरिकी कांग्रेस में शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव आया है।

डेमोक्रेट्स की सबसे बड़ी जीत में मिशिगन शामिल है, जहां अब्दुल अल-सईद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराया। मीडिया के चुनावी अनुमानों के अनुसार, एल-सईद अमेरिकी सीनेट के लिए निर्वाचित होने वाले पहले मुस्लिम अमेरिकी बन गए हैं। पेशे से चिकित्सक और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूर्व अधिकारी अल-सईद ने डेट्रॉयट में आयोजित चुनावी रैली में भी अपनी जीत की घोषणा की। उन्होंने समर्थकों से कहा आपने ऐसे उम्मीदवार पर भरोसा जताया, जिसके जीतने की संभावना सबसे कम मानी जा रही थी। मिशिगन, मैं आपकी सेवा करने के लिए उत्सुक हूं।

जीत के बाद अपने संबोधन में अल-सईद ने कहा कि दुनिया के सबसे धनी देशों में से एक में अमेरिकियों को बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा मिशिगन, चीजें इतनी मुश्किल नहीं होनी चाहिए। किराने का सामान खरीदने के लिए दूसरा बैग लेना या अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाना इतना मुश्किल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा घर खरीदना इतना मुश्किल नहीं होना चाहिए। दुनिया के सबसे धनी और शक्तिशाली देश में डॉक्टर को दिखाना इतना मुश्किल नहीं होना चाहिए।

अमेरिकी विदेश नीति पर होने वाले खर्च पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि करदाताओं को यह सुनिश्चित करने का अधिकार होना चाहिए कि उनका पैसा विदेशों में सैन्य अभियानों के बजाय देश की घरेलू जरूरतों पर खर्च हो। उन्होंने कहा कर चुकाने के बाद लोगों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनका पैसा उन पर और उनके बच्चों पर खर्च होगा, न कि किसी दूसरे देश के लोगों और उनके बच्चों पर बम गिराने में।

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चुनावी अनुमानों के अनुसार, डेमोक्रेट्स ने कंसास, आयोवा, मेन, ओहायो, टेक्सास, दक्षिण कैरोलिना और उत्तरी कैरोलिना सहित कई अन्य राज्यों में भी सीनेट की सीटें जीती हैं। कंसास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन ने सीनेट सीट पर जीत दर्ज की। यह राज्य में पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि है, जहां करीब एक सदी से किसी डेमोक्रेट उम्मीदवार ने सीनेट चुनाव नहीं जीता था। आयोवा में पूर्व पैरालंपिक खिलाड़ी जोश ट्यूरेक के रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराकर सीनेट सीट जीतने का अनुमान है। यह सीट रिपब्लिकन सीनेटर जोनी अर्न्स्ट के पास थी।

मेन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ट्रॉय जैक्सन के रिपब्लिकन सांसद सुसान कॉलिन्स को हराने का अनुमान है। सुश्री कॉलिन्स करीब तीन दशक से इस राज्य का सीनेट में प्रतिनिधित्व कर रही थीं। ओहायो में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार शेरॉड ब्राउन के सीनेट सीट फिर से जीतने का अनुमान है, जबकि टेक्सास में जेम्स टालारिको भी अपनी सीट जीतते नजर आ रहे हैं।

दक्षिण कैरोलिना में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एनी एंड्रयूज के रिपब्लिकन सांसद लिंडसे ग्राहम को हराने का अनुमान है। वहीं, अलास्का में सीनेट चुनाव का मुकाबला अभी बेहद करीबी बना हुआ है और नतीजे स्पष्ट नहीं हैं। डेमोक्रेट्स की बढ़त पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि चुनाव परिणामों ने अमेरिकी जनता की राजनीतिक नेतृत्व से अपेक्षाओं का स्पष्ट संदेश दिया है।

श्री ओबामा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा आज रात अमेरिकी जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह ऐसी राजनीति चाहती है जो लोगों को बांटने के बजाय उन्हें एकजुट करे और ऐसे नेता चाहती है जो उनकी चुनौतियों का ठोस समाधान पेश करें। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने उन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने का जोखिम उठाया, जिन्हें लंबे समय से जीतना मुश्किल माना जाता रहा है। श्री ओबामा ने कहा इस प्रशासन के पास अभी दो साल और हैं। अब हमारा काम पूरी ताकत से जुटना, आगे होने वाले नुकसान को रोकना और भविष्य की नींव तैयार करना है।

इस बीच, रिपब्लिकन उम्मीदवार टॉमी ट्यूबरविले ने अलबामा के गवर्नर पद का चुनाव जीत लिया। उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार डग जोन्स को हराया।

डेमोक्रेट्स की इन जीतों से वाशिंगटन के राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। इससे ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के शेष समय में कांग्रेस के दोनों सदनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण रहेगा।

Pic Credit : UNI

By Naya India

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