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ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए धन आवंटन रोकने की मांग

अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने ईरान के साथ आठ महीने से जारी युद्ध के प्रति जनता में बढ़ते असंतोष और इसके आर्थिक प्रभावों, विशेषकर ईंधन की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए कांग्रेस से ईरान के खिलाफ आगे के अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए धन आवंटन रोकने की मांग की है।

कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक सांसद खन्ना ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम ‘संडे’ में कहा प्रतिनिधि सभा और सीनेट को ईरान युद्ध में आगे की किसी भी कार्रवाई के लिए वित्तपोषण रोक देना चाहिए। हमने वियतनाम युद्ध रोकने के लिए भी ऐसा ही किया था और हमें ईरान में इस युद्ध को रोकने की जरूरत है।

श्री खन्ना ने तर्क दिया कि संघर्ष जारी रखने का समर्थन करने वाले मतदाताओं को ईंधन की ऊंची कीमतों के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा यदि लोग चाहते हैं कि ईरान युद्ध जारी रहे और गैस तथा डीजल की कीमतें बढ़ें, तो उन्हें रिपब्लिकन को वोट देना चाहिए।

श्री खन्ना ने केंटकी से रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी के साथ मिलकर युद्ध शक्तियां प्रस्ताव (वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन) लागू करने की कोशिश की है, ताकि कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधिकार को सीमित किया जा सके।

दोनों सांसदों ने कई प्रस्तावों का समर्थन किया है, जिनका उद्देश्य प्रशासन के सैन्य अभियान पर प्रतिनिधि सभा और सीनेट में मतदान कराना है। उनकी कोशिशों को अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।

श्री खन्ना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मतदाताओं से नवंबर के मध्यावधि चुनावों में ईरान युद्ध को प्रमुख मुद्दा बनाने की अपील की। उन्होंने संघर्ष जारी रखने के समर्थक उम्मीदवारों और इसे समाप्त करने की वकालत करने वालों के बीच अंतर बताया।

श्री खन्ना ने कहा हम इसके लिए धन आवंटित करने से इनकार कर सकते हैं। ट्रंप के वीटो का इस पर कोई असर नहीं होगा। जब हम कांग्रेस में बहुमत हासिल करेंगे, तो यह हमारी पहली कार्रवाई होनी चाहिए। मतदाता गैस, खाद्य पदार्थों और डीजल की कीमतें कम होते देखना चाहते हैं।

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उन्होंने यह भी कहा कि डेमोक्रेट युद्ध के लिए धन आवंटन समाप्त करने के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। उन्होंने अपनी मांग को संघर्ष के आर्थिक बोझ से भी जोड़ा। श्री खन्ना ने लिखा श्री ट्रंप ने कल मुझे चार बार कमजोर नेता कहा। मेरा जवाब है: गैस और डीजल की कीमतें कम कीजिए। उन्होंने यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से की गई टिप्पणियों के संदर्भ में की।

हाल के जनमत सर्वेक्षणों में भी संघर्ष के प्रति जनता का विरोध सामने आया है। एसोसिएटेड प्रेस-एनओआरसी के एक हालिया सर्वेक्षण में लगभग 70 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि सांसदों को ईरान संघर्ष समाप्त करने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

इस संघर्ष को आठ महीने से अधिक हो चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप 21 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत हुई है और अक्टूबर तक इस पर 47 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं। ‘द हिल’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस अनुमान में पश्चिम एशिया में क्षतिग्रस्त अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मरम्मत की लागत शामिल नहीं है।

इस बीच, नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ और सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका ईरान के शेष संदिग्ध परमाणु ठिकानों पर “10 मिनट” के भीतर हमला कर सकता है। इससे संघर्ष समाप्त करने के लिए जारी कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद आगे सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो आवास पर पत्रकारों से बातचीत में श्री ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान की सशस्त्र सेनाओं और परमाणु बुनियादी ढांचे को काफी कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब केवल एक या दो ठिकाने निशाने पर लेने बाकी हैं।

श्री ट्रंप ने कहा हमें अभी एक या दो ठिकानों से निपटना है, लेकिन हम यह काम 10 मिनट में कर सकते हैं। इसलिए हमारे पास इसकी योजना है।

ईरान के संदिग्ध परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा आप पिकैक्स माउंटेन को देख सकते हैं। उससे निपटना होगा। हम यह सब बहुत तेजी से कर सकते हैं।

श्री ट्रंप ने यह टिप्पणी अमेरिका और ईरान के बीच कतर की मध्यस्थता में जारी बातचीत की समय-सीमा के बारे में पूछे जाने पर की। अमेरिका द्वारा सैन्य विकल्प खुला रखने और ईरान द्वारा जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहने के बीच कतर की मध्यस्थता में चल रही वार्ता का परिणाम अनिश्चित बना हुआ है।

Pic Credit : UNI

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By Naya India

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