राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

विरोध और बहिष्कार के बीच पीओके में मतदान

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान हो रहा है।

यह मतदान महीनों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के बहिष्कार और विपक्ष के सेना समर्थित चुनाव में धांधली के आरोपों के साये में हो रहा है।

मीरपुर मंडल की 13 सीटों पर मतदान शुरू हुआ है। बाकी निर्वाचन क्षेत्रों में दो अगस्त और 10 अगस्त को वोट डाले जायेंगे। पहले चरण में 14 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। जिसके लिए मीरपुर, भिंबर और कोटली जिलों में 2,500 से अधिक मतदान केंद्र बनाये गये हैं। इन 13 सीटों पर लगभग 300 उम्मीदवार मैदान में हैं।

पीओके के चुनाव आयुक्त गुलाम मुस्तफा मुगल के मुताबिक, मीरपुर मंडल की 13 सीटों पर 27 जुलाई को, मुजफ्फराबाद मंडल की नौ सीटों और सभी 12 शरणार्थी सीटों पर दो अगस्त को तथा पुंछ मंडल की 11 सीटों पर 10 अगस्त को मतदान होगा। ये चुनाव हाल के वर्षों में इस इलाके के सबसे बड़े विरोध आंदोलनों में से एक के बीच हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी प्रशासन पर आर्थिक उपेक्षा, राजनीतिक दमन और स्थानीय लोगों को शासन में सार्थक भूमिका से वंचित करने का आरोप लगा रहे हैं।

‘द न्यूज इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग चरणों में होने वाले चुनावों के लिए सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी रहने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत ने इलाके में करीब 14,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।हफ्तों चले उपद्रव में कई लोगों की मौत हो गयी थी और सैकड़ों लोग घायल हो गये थे।

मुख्य मुकाबला पाकिस्तान की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी (आईपीपी) के बीच है। मतदान के पहले चरण में 13 सीटों के लिए करीब 300 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कोटली जिले की छह सीटों पर 135 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि मीरपुर और भिंबर जिलों के 7,50,000 से अधिक मतदाता बाकी सात सीटों का फैसला करेंगे।

Also Read : मोदी सरकार का काउंटडाउन शुरु हो चुका है: अखिलेश

यह चुनाव जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेतृत्व में हुए उन प्रदर्शनों के बाद हो रहे हैं, जिसमें अनुदानित गेहूं के आटे, कम बिजली दरों, अधिक राजनीतिक अधिकारों और 1947 के बाद पाकिस्तान में बसे शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों को समाप्त करने की मांग की गयी थी।

इस बीच, जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने इस चुनावी प्रक्रिया को ‘दिखावा’ बताते हुए और यह आरोप लगाते हुए कि चुनावी नतीजे पहले ही तय किये जा चुके हैं, चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया है। संगठन ने विरोध स्वरूप मतदाताओं से मतदान केंद्रों से दूर रहने की अपील की है। इस्लामाबाद ने पिछले महीने जेएएसी पर हिंसा की साजिश रचने और जनव्यवस्था को बाधित करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगा दिया था। संगठन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसका आंदोलन शांतिपूर्ण है।

वर्ष 2021 के चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई मतदान का बहिष्कार कर रही है, जिससे मतदान में लोगों की भागीदारी और चुनावी प्रक्रिया की साख पर सवाल खड़े हो गये हैं।

विपक्षी गुटों और कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान पर चुनाव में धांधली कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव कानून प्रकिया के मुताबिक कराये जा रहे हैं। विधानसभा में 53 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 45 सीधे चुने जाने वाले विधायक और महिलाओं, तकनीशियनों व धार्मिक विद्वानों के लिए आठ आरक्षित सीटें शामिल हैं। चुनी हुई सीटों में से 12 सीटें 1947 के बाद पाकिस्तान में बसे जम्मू-कश्मीर के शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं। यह एक ऐसी व्यवस्था है जो जारी राजनीतिक विवाद के केंद्र में बनी हुई है।

Pic Credit : ANI

Tags :

By Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a comment

और पढ़ें