व्हाट्सएप ने एक बयान जारी कर कहा कि रूस ने देश के अंदर मैसेजिंग एप को “पूरी तरह ब्लॉक करने की कोशिश” की है। अब क्रेमलिन ने दावा किया है कि घरेलू एप को बढ़ावा देने की खातिर ये कदम उठाया गया है।
क्रेमलिन ने पुष्टि की कि रूस ने टेक जायंट मेटा की मैसेजिंग सर्विस को ब्लॉक कर दिया है, और लोगों को सुझाव दिया है कि वे इसके बजाय मैक्स (रूस का नया सरकारी प्लेटफॉर्म) इस्तेमाल करें।
व्हाट्सएप प्रवक्ता ने बुधवार देर रात कहा था कि रूसी अधिकारियों की कार्रवाई का मकसद “यूजर्स को सरकारी सर्विलांस ऐप पर ले जाना” था। उन्होंने मैक्स का नाम भी लिया था।
मेटा का आरोप है कि इस कदम का मकसद रूस में उसके 10 करोड़ से अधिक यूजर्स को एक “सरकार नियंत्रित निगरानी एप” की ओर धकेलना है।
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व्हाट्सएप ने अपने बयान में कहा 10 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं को निजी और सुरक्षित संवाद से अलग करने का प्रयास उन्हें पीछे की ओर धकेलने जैसा कदम है और इससे रूस के लोगों की सुरक्षा कम होगी।
कंपनी ने कहा हम यूजर्स के जुड़े रहने के लिए हर संभव प्रयास करते रहेंगे।
रूस की सरकार पहले ही एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर चुकी है, जिनमें से दो मेटा के मालिकाना हक में हैं, और 2022 में यूक्रेन पर रूस के बड़े हमले के बाद से दूसरी ऑनलाइन पाबंदियां भी बढ़ा दी हैं।
रूसी न्यूज एजेंसी तास के मुताबिक, क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि मेटा को अनब्लॉक होने के लिए रूसी कानून का पालन करना होगा।
प्रशासन ने पहले व्हाट्सएप के एक्सेस को बाधित करने की कोशिश की, लेकिन फिर इस पर पाबंदी लगा दी गई।
मैक्स का जोरों शोरों से प्रचार किया जा रहा है। डेवलपर्स और ऑफिशियल्स ने मैसेजिंग, ऑनलाइन सरकारी सर्विसेज, पेमेंट आदि के लिए वन-स्टॉप शॉप के तौर पर इसका इस्तेमाल करने को कहा है। साथ ही कहा कि अगर प्रशासन उनसे यूजर डेटा मांगेगा तभी वो इसे उपलब्ध कराएंगे।
Pic Credit : ANI
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