मध्य नेपाल के रामेछाप जिले के माचानेतार में एक यात्री बस तामाकोशी नदी में गिर गई। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई।
रामेछाप जिला के पुलिस उपाधीक्षक भोला कुमार भट्टा ने आईएएनएस को बताया कि सुबह करीब 11 बजे हुए इस हादसे में 12 लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा आठ लोग घायल हुए हैं, और उनमें से सात को गंभीर चोटों के कारण आगे के इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया है।
भट्टा के मुताबिक, ड्राइवर ने बस से नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सड़क से करीब 100 मीटर नीचे नदी में जा गिरी। बस, जो काठमांडू से ओखलढुंगा के पोकली के लिए निकली थी, तामाकोशी नदी में गिर गई।
रामेछाप के जिला प्रशासन कार्यालय ने बताया कि घटनास्थल से छह शव बरामद किए गए हैं, जबकि छह अन्य की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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पुलिस ने कहा कि यह तुरंत साफ नहीं है कि बस में कितने यात्री सवार थे, लेकिन भट्टा ने कहा कि अधिकारियों का मानना है कि इस बस में करीब 24 लोग सफर कर रहे थे।
हादसे के बाद, स्थानीय पुलिस इकाइयों, सशस्त्र पुलिस बल और आपदा प्रबंधन विभाग की मदद से एक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। सड़कों पर गाड़ियों की संख्या बढ़ने और देश भर में रोड कनेक्टिविटी बेहतर होने से, हाल के वर्षों में नेपाल में सड़क हादसों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।
ट्रैफिक पुलिस ऑफिस के मुताबिक, एक दशक पहले 4,999 सड़क हादसे रिपोर्ट हुए थे। वहीं, 2024-25 में 7,669 सड़क हादसों में 190 मौतें रिपोर्ट की गईं, इनमें से 278 हादसे गंभीर माने गए।
जन हानि के अलावा, इसका आर्थिक तौर पर भी असर पड़ता है। 2020 में वर्ल्ड बैंक की एक स्टडी से पता चला कि नेपाल में रोड ट्रैफिक में लगने वाली चोटों की इकोनॉमिक कॉस्ट 2007 से तीन गुना बढ़ गई है और यह सकल राष्ट्रीय उत्पाद के 1.5 प्रतिशत के बराबर है। हादसों की सबसे ज्यादा मार गरीब जनता पर पड़ती है।
Pic Credit : ANI
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