

/
RSS Feed
नमस्कार, मैं हरिशकंर व्यास, हाल के कुछ दिनों या कहें तो सालों में टाटा में जो कुछ देखने को मिल रहा है वो कई तरह की चिंता पैदा करता है..आखिर बीते बारह वर्षों के मोदी-शाह के शासन के दौरान जिसतरह देश की तमाम संस्थाओं, संस्थानों की पहचान और साख पर सवाल उठ रहे हैं उसे देखते हुए कॉलम अपन तो कहेंगे में इस बार मेरे विचार का शीर्षक है ओह! टाटा, मोदी-शाह की लगी नजर!
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


