उत्तर प्रदेश में भाजपा के अंदर और साथ ही सहयोगी पार्टियों के साथ अंदरूनी विवाद का मामला आसानी से नहीं सुलझने वाला है। तभी कहा जा रहा है कि अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद कमान संभाल ली है। गौरतलब है कि अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष होने से पहले उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव थे। उनकी कमान में भाजपा ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें भाजपा को अकेले 71 सीटें मिली थीं। अब वे फिर से सक्रिय हो गए हैं। कहा जा रहा है कि वे पार्टी के सभी नेताओं के बीच समन्वय बनवाएंगे। असल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच तनाव की खबरें पहले दिन से आती हैं। इसके बाद नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नियुक्ति के बाद योगी के साथ उनके विवाद की खबरें आती रहीं। शीर्ष पर टकराव के साथ साथ बिल्कुल निचले स्तर पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल नहीं है।
तभी कहा जा रहा है कि अब अमित शाह खुद सब कुछ ठीक करेंगे। इसलिए तीन महीने बाद होने वाले चुनाव तक वे लगातार यूपी का दौरा करेंगे। चुनाव से पहले उनकी 16 रैलियों का कार्यक्रम बना है, जिसमें एक रैली उन्होंने लखनऊ में की है। अब राज्य के अलग अलग हिस्सों में उनकी रैली होगी। इतना ही नहीं इस साल को दीपोत्सव कार्यक्रम में अमित शाह मुख्य अतिथि हो सकते हैं। पिछले कई सालों से दिवाली के एक दिन पहले अयोध्या में दीपोत्सव मनाया जाता है। सरयू नदी के किनारे लाखों की संख्या में दीये जलाए जाते हैं। इस बार इस कार्यक्रम में सात नवंबर को अमित शाह के मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहने की खबर है। इसका यह भी संकेत है कि शाह और योगी के बीच कम से कम अगले चुनाव तक सब कुछ ठीक हो गया है।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



