भाजपा से अलग होकर अपना संगठन बनाने के बाद से के अन्नामलाई शांत थे। वे संगठन का काम कर रहे थे। उन्होंने पार्टी छोड़ते समय या उसके बाद भी भाजपा पर कोई हमला नहीं किया था या कोई खिलाफ बयान नहीं दिया था। उलटे दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिल कर उन्होंने पार्टी छोड़ी थी। लेकिन अब उन्होंने मेडिकल में दाखिले की नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ी का विरोध किया है। उन्होंने सीधे केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि केंद्र की लापरवाही के कारण पेपर लीक हो रहे हैं और केंद्र सरकार किसी की जवाबदेही तय नहीं कर रहा है।
ध्यान रहे तमिलनाडु में नीट का बहुत विरोध है। जब पूरे देश के मेडिकल कॉलेजों के लिए एक ही परीक्षा कराने का फैसला हुआ था तभी से तमिलनाडु में इसका विरोध शुरू हुआ था। डीएमके और अन्ना डीएमके दोनों ने इसका विरोध किया। अब टीवीके और उसके नेता मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने भी नीट का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि नीट की व्यवस्था खत्म होनी चाहिए ताकि राज्य अपने मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की परीक्षा खुद कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा को समवर्ती सूची से निकाल कर राज्य सूची में डाला जाए। ध्यान रहे नीट से पहले राज्य के मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए परीक्षा कराने का काम राज्य सरकारें करती थीं या 12वीं के अंक के आधार पर दाखिला होता था। तमिलनाडु की पार्टियां वही व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


